ओटावा,08 जुलाई। सिख अलगाववादी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या के मामले में कनाडा पुलिस का बड़ा कुबूलनामा सामने आया है। पुलिस ने स्वीकार किया कि इस मामले में भारतीय अधिकारियों के शामिल होने का कोई सबूत नहीं है और भारत सरकार की संलिप्तता से जुड़ा कोई सबूत सामने नहीं आया है। यह घटनाक्रम ऐसे वक्त सामने आया है, जब अमेरिका ने गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई और उसके सहयोगी गोल्डी बरार को निज्जर की हत्या का मास्टरमाइंड बताया है।
रॉयल कैनेडियन माउंटेड पुलिस ने कहा कि जांचकर्ताओं को इस बात का कोई सबूत नहीं मिला है कि भारतीय अधिकारियों पर निज्जर हत्याकांड की जांच में आरोप लगाए गए थे या वे इसमें शामिल थे।
पुलिस उपायुक्त लीसा मोरलैंड ने कहा, इस संगठित अपराध जांच के दौरान भारतीय अधिकारियों पर आरोप लगाए गए हैं या वे इस जांच में शामिल हैं। भारतीय सरकार को इससे जोडऩे वाला कोई सबूत सामने नहीं आया है।
हाल ही में अमेरिका ने बिश्नोई और बरार पर निज्जर की हत्या का आरोप लगाया है। एक संघीय अभियोग में बिश्नोई पर 18 जून, 2023 को ब्रिटिश कोलंबिया के वैंकूवर में गुरुद्वारे के बाहर निज्जर की गोली मारकर हत्या करने का आदेश देने का आरोप लगाया गया है। इसमें आगे कहा गया है कि बिश्नोई ने जेल में रहते हुए तस्करी किए गए सेलफोन का इस्तेमाल कर आदेश दिए और एक सह-साजिशकर्ता को निज्जर की तस्वीर और पते दिए।
इससे पहले तत्कालीन प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने निज्जर की हत्या के आरोप भारत पर लगाए थे। उन्होंने कहा था कि कनाडाई अधिकारी भारतीय सरकारी एजेंटों को हत्या से जोडऩे वाले विश्वसनीय आरोपों की सक्रिय रूप से जांच कर रहे हैं। हालांकि, भारत ने इस दावे को सिरे से खारिज कर दिया था और कनाडा से सबूत पेश करने को कहा था। इस घटनाक्रम के बाद भारत और कनाडा के रिश्ते बेहद खराब हो गए थे।
जून, 2023 में कनाडा के सरे में निज्जर की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। घटना की वीडियो भी सामने आया था, जिसमें 2 नकाबपोश हमलावर निज्जर की गाड़ी को घेर लेते हैं और ताबड़तोड़ गोलीबारी करते हैं। रिपोर्ट में दावा किया गया था कि निज्जर पर 50 गोलियां मारी गईं, जिनमें से 34 उसे लगी। भारत ने निज्जर पर 10 लाख रुपये का इनाम रखा था। उसके आतंकी संगठन सिख फॉर जस्टिस से भी संबंध थे।
००
Login
अपनी भाषा में समाचार चुनने की स्वतंत्रता | देश की श्रेष्ठतम समाचार एजेंसी

