०हर शादी का रिकॉर्ड रखेंगे पंचायत सचिव, लंबित आवेदनों के त्वरित निराकरण के निर्देश
०बालिकाओं के लिए चलेगा कैंसर रोधी टीकाकरण अभियान
सुकमा,08 जुलाई (आरएनएस)। कलेक्टर अमित कुमार के निर्देशानुसार जिला सीईओ मुकुंद ठाकुर की अध्यक्षता में बुधवार को समय-सीमा (टीएल) की उच्च स्तरीय बैठक आयोजित की गई। बैठक में कृषि विभाग के कार्यों की समीक्षा करते हुए किसानों को गुणवत्तापूर्ण खाद की उपलब्धता सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया गया। लोक सेवा गारंटी अधिनियम, बस्तर मुन्ने और सुशासन तिहार के लंबित आवेदनों के त्वरित निराकरण के निर्देश दिए गए। बैठक में शिक्षा और महिला एवं बाल विकास विभाग की योजनाओं को लेकर भी महत्वपूर्ण फैसले किए गए। शाला त्यागी (स्कूल छोड़ चुके) और अप्रवेशी बच्चों को दोबारा मुख्यधारा से जोडऩे के लिए विशेष प्रयास करने को कहा गया। शिक्षा सत्र 2026-27 के तहत आंगनबाड़ी और स्कूल लिंकेज कार्ययोजना की विस्तृत जानकारी ली गई। अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि वे साइंस पार्क का नियमित दौरा करें और वहां बच्चों से सीधा संवाद स्थापित करें। वहीं, किशोरियों की सेहत को ध्यान में रखते हुए 14 वर्ष की बालिकाओं के लिए सर्वाइकल कैंसर रोधी टीकाकरण अभियान को सफल बनाने के निर्देश खंड चिकित्सा अधिकारियों और विकासखंड शिक्षा अधिकारियों को दिए गए। आयुष्मान कार्ड और वय वंदन योजना में सुस्ती बरतने वाले अफसरों से भी जवाब-तलब किया गया है। उन्होंने खेती किसानी के सीजन को देखते हुए पर्याप्त मात्रा में धन बीज की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। जिले के सुदूर और संवेदनशील क्षेत्रों में विकास कार्यों को गति देने के लिए सुकमा प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद नजर आया। बैठक में जगरगुंडा एजुकेशन सिटी, उल्लास एकेडमी कोटा केबिन की कार्य प्रगति के साथ-साथ जिले की विभिन्न लाइब्रेरी और सुशासन परिसर की स्थिति की समीक्षा की गई। जगरगुंडा में चल रहे विभिन्न निर्माण कार्यों, हड़मा स्टेडियम शेड निर्माण और पंचायत कैफे की अद्यतन स्थिति जानी गई। इसके साथ ही सुकमा-गोलपल्ली मार्ग के निर्माण कार्य में तेजी लाने और प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत जिले के सभी विकासखंडों में प्रगति की समीक्षा की गई। सामाजिक सरोकारों को प्राथमिकता देते हुए सेवानिवृत्त कर्मचारियों के मामलों, सामाजिक पेंशन के प्रकरणों और शासकीय भूमि आवंटन से जुड़े फाइलों का शीघ्र निपटारा करने के निर्देश दिए गए हैं।ग्रामीण क्षेत्रों में सामाजिक कुप्रथाओं पर लगाम कसने के लिए इस बैठक में एक बड़ा और संवेदनशील निर्णय लिया गया। जिला सीईओ ने जनपद पंचायत के सभी मुख्य कार्यपालन अधिकारियों को निर्देशित किया है कि वे ग्राम पंचायतों के सचिवों के माध्यम से ग्रामीण इलाकों में होने वाली शादियों का पूरा डेटा और जानकारी अनिवार्य रूप से मेंटेन करवाएं। इसका मुख्य उद्देश्य बाल विवाह जैसी कुप्रथा पर पूरी तरह रोक लगाना है। उन्होंने सभी जनपद सीईओ को इस व्यवस्था की नियमित रूप से खुद निगरानी करने को कहा है, ताकि जिले में एक भी बाल विवाह न होने पाए। इसके अलावा, सितंबर महीने में आयोजित होने वाले साक्षरता महाअभियान की परीक्षा में अधिक से अधिक निरक्षर व्यक्तियों को शामिल करने के लिए भी पुख्ता व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए हैं।
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