0-मारे गए प्रभास मंडल के शव का होगा डिजिटल एक्स-रे, बना विशेष बोर्ड
0-पुलिस अभियान जारी, मामले में अबतक 40 गिरफ्तार
0-खुफिया इनपुट्स पर करीब 200 दंगाइ चिन्हित
बारुईपुर/कोलकाता,09 जुलाई(आरएनएस)। बारुईपुर दुष्कर्म मामले के आरोपी प्रभास मंडल की पुलिस गोलीबारी में मौत के बाद पश्चिम बंगाल की राजनीति गरमा गई है। भाजपा, तृणमूल, कांग्रेस और वाम दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप तेज। वहीं उक्त घटना की जांच अब सीएम शुभेंदु अधिकारी के निर्देश पर सीआईडी को दी गई है। जबकि इस घटना की न्यायिक जांच पहले ही शुरू हो चुकी है। खबरों की माने तो मालूम हो कि आरोपी प्रभास के शरीर में दो गोलियां लगी। एक छाती के दाहिनी ओर है और दूसरा कमर के ऊपर है। प्रभास मंडल की मौके पर ही मौत हो गयी। मालूम हो कि काटापुकुर मुर्दाघर में रात में पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी की गयी।
मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने मंगलवार को खुद बारुईपुर का दौरा कर यह साफ कर दिया था कि गड़बड़ी करने और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वाले किसी भी उपद्रवी को बख्शा नहीं जाएगा। मुख्यमंत्री की इस कड़ी चेतावनी के बाद पुलिस ने रातभर सघन तलाशी अभियान चलाकर और 22 लोगों को दबोच लिया है।
वहीं पुलिस पर हमला करने, आगजनी और भीड़ द्वारा पीट-पीटकर हत्या (मॉब लिंचिंग) करने के आरोप में इन 22 लोगों की गिरफ्तारी हुई है। इससे पहले बुधवार को भी इस मामले में 18 लोगों को गिरफ्तार किया गया था। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, हिरासत में लिए गए आरोपियों से पूछताछ के बाद कई और नाम सामने आए हैं, जिसके बाद पुलिसिया कार्रवाई और तेज कर दी गई है। सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के आरोप में पकड़े गए अन्य 12 लोगों को मिलाकर इस पूरे तांडव के मामले में अब तक गिरफ्तार होने वालों की कुल संख्या बढ़कर 40 हो गई है। गौरतलब है कि घटना के बाद स्थिति का जायजा लेने पहुंचे मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने सीधे तौर पर कहा था कि बारुईपुर में सक्रिय कट्टरपंथी और देश विरोधी ताकतों ने इस अशांति को हवा दी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जो लोग चुनाव हार चुके हैं, उन्होंने ही साजिश के तहत लोगों को उकसाया और हिंसा भड़काई। मुख्यमंत्री ने खुलासा किया था कि वीडियो फुटेज और खुफिया इनपुट्स के आधार पर करीब 200 दंगाइयों को चिन्हित किया जा चुका है। मुख्यमंत्री के इस बयान के तुरंत बाद ही पुलिस पूरी तरह ‘एक्शन मोड’ में आ गई। इस पूरे घटनाक्रम के बीच, बारुईपुर कांड के मुख्य आरोपी प्रभास मंडल, जो पुलिस एनकाउंटर में मारा गया था, के पोस्टमार्टम को लेकर स्वास्थ्य विभाग ने एक बड़ा कदम उठाया है। राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के नियमों और गाइडलाइंस का पालन करते हुए तीन सदस्यीय विशेष मेडिकल बोर्ड का गठन किया गया है। इस बोर्ड में राज्य के तीन अलग-अलग सरकारी मेडिकल कॉलेजों के फॉरेंसिक मेडिसिन विभाग के विशेषज्ञ डॉक्टरों को शामिल किया गया है।
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