बीजिंग,09 जुलाई। चीन के प्रमुख अर्थशास्त्रियों में शामिल गाओ शानवेन का 7 जुलाई को 55 वर्ष की आयु में निधन हो गया। बताया जा रहा है कि वह पिछले एक वर्ष से कैंसर का उपचार करा रहे थे, लेकिन उनकी मृत्यु और पिछले एक वर्ष तक सार्वजनिक जीवन से लगभग पूरी तरह गायब रहने को लेकर कई तरह के सवाल उठ रहे हैं। गाओ शानवेन चीन की आर्थिक वृद्धि के सरकारी आंकड़ों पर खुलकर सवाल उठाने और युवाओं में बढ़ती बेरोजगारी को लेकर चेतावनी देने के कारण अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चित रहे थे।
सितंबर 1971 में जन्मे गाओ शानवेन ने पेकिंग विश्वविद्यालय से स्नातक तथा स्नातकोत्तर शिक्षा प्राप्त की। वर्ष 1995 में उन्होंने चीन के जन बैंक (पीपुल्स बैंक ऑफ चाइना) में अपने करियर की शुरुआत की। बाद में तत्कालीन केंद्रीय बैंक के गवर्नर झोउ शियाओछुआन के मार्गदर्शन में उन्होंने केंद्रीय बैंक के स्नातकोत्तर विद्यालय से वर्ष 1999 में अर्थशास्त्र में डॉक्टरेट की उपाधि प्राप्त की।
इसके बाद वर्ष 2003 में वह एवरब्राइट प्रतिभूति कंपनी से जुड़े और वर्ष 2007 में एसडीआईसी प्रतिभूति (पूर्व नाम एसेंस प्रतिभूति) में मुख्य अर्थशास्त्री बने। उन्होंने एक दशक से अधिक समय तक इस पद पर कार्य किया। चीन में पूंजी बाजार आधारित आर्थिक अनुसंधान को बढ़ावा देने में उनका महत्वपूर्ण योगदान माना जाता है। वह चाइना पैसिफिक बीमा समूह में स्वतंत्र निदेशक के रूप में भी अपनी सेवाएं दे चुके थे।
सरकारी सकल घरेलू उत्पाद के आंकड़ों पर उठाए थे सवाल
गाओ शानवेन वर्ष 2024 के अंत में उस समय वैश्विक स्तर पर चर्चा में आए, जब उन्होंने चीन की आधिकारिक सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) वृद्धि दर पर सवाल उठाए। वाशिंगटन में आयोजित एक अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में उन्होंने कहा था कि पिछले दो से तीन वर्षों में चीन की वास्तविक आर्थिक वृद्धि औसतन लगभग दो प्रतिशत रही होगी, जबकि सरकार लगभग पांच प्रतिशत वृद्धि का दावा कर रही है।
उनका कहना था कि वास्तविक आर्थिक स्थिति और आधिकारिक आंकड़ों के बीच बड़ा अंतर है तथा आर्थिक विकास को वास्तविकता से अधिक दिखाया जा रहा है। यह बयान चीन सरकार की आधिकारिक आर्थिक नीति के लिए बड़ी चुनौती माना गया।
बयान के बाद सार्वजनिक जीवन से हो गए थे दूर
बताया जाता है कि इस बयान के बाद गाओ शानवेन लगभग एक वर्ष तक सार्वजनिक कार्यक्रमों से दूर रहे। सितंबर 2025 में उन्होंने पेकिंग विश्वविद्यालय के एक कार्यक्रम में वीडियो संदेश के माध्यम से संक्षिप्त रूप से भाग लिया था। इसी दौरान यह भी जानकारी सामने आई कि जनवरी 2025 में उन्हें कैंसर का पता चला था और उनका उपचार चल रहा था।
सरकार की आर्थिक आलोचना पर पहले भी रही सख्ती
वर्ष 2023 में जब चीन कठोर कोविड प्रतिबंधों को हटाने के बाद आर्थिक चुनौतियों का सामना कर रहा था, तब सरकार ने विश्लेषकों और अर्थशास्त्रियों को आर्थिक स्थिति पर अत्यधिक नकारात्मक टिप्पणियां करने से बचने की चेतावनी दी थी। कई प्रमुख आर्थिक टिप्पणीकारों पर प्रतिबंध लगाए गए थे और सार्वजनिक मंचों पर सरकार की आर्थिक नीतियों की आलोचना को सीमित किया गया था।
ऐसे माहौल में गाओ शानवेन उन चुनिंदा अर्थशास्त्रियों में शामिल थे, जिन्होंने सरकारी आर्थिक आंकड़ों और युवाओं में बढ़ती बेरोजगारी जैसे संवेदनशील मुद्दों पर खुलकर अपनी राय रखी। यही कारण है कि उनकी मृत्यु के साथ-साथ उनके अंतिम वर्षों को लेकर भी कई प्रश्न उठ रहे हैं।
कौन थे गाओ शानवेन
* जन्म : सितंबर 1971
* निधन : 7 जुलाई, 2026 (आयु 55 वर्ष)
* शिक्षा : पेकिंग विश्वविद्यालय से स्नातक, स्नातकोत्तर एवं अर्थशास्त्र में डॉक्टरेट
* करियर की शुरुआत : चीन का जन बैंक (1995)
* प्रमुख पद : मुख्य अर्थशास्त्री, एसडीआईसी प्रतिभूति (पूर्व नाम एसेंस प्रतिभूति)
* विशेष पहचान : चीन की वास्तविक आर्थिक वृद्धि, सरकारी सकल घरेलू उत्पाद के आंकड़ों और युवा बेरोजगारी पर बेबाक विश्लेषण
मुख्य बिंदु
* चीन के प्रमुख अर्थशास्त्री गाओ शानवेन का 55 वर्ष की आयु में निधन।
* पिछले एक वर्ष से कैंसर का उपचार चल रहा था।
* सरकारी सकल घरेलू उत्पाद वृद्धि के आंकड़ों पर सार्वजनिक रूप से सवाल उठाए थे।
* वास्तविक आर्थिक वृद्धि लगभग दो प्रतिशत बताई थी, जबकि सरकार लगभग पांच प्रतिशत का दावा कर रही थी।
* बयान के बाद लंबे समय तक सार्वजनिक जीवन से दूर रहे।
* चीन में आर्थिक आलोचना पर सरकारी सख्ती के बीच उनकी भूमिका लगातार चर्चा में रही।
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