० शासकीय योजनाओं के शत-प्रतिशत संतृप्तिकरण पर मुख्य फोकस
० हर पात्र हितग्राही तक लाभ पहुंचाने पर जोर
सुकमा, 09 जुलाईं (आरएनएस)। जिला प्रशासन सुकमा द्वारा ग्रामीण विकास को एक नई गति देने के लिए ग्राम पंचायत सचिवों के तीन दिवसीय विशेष प्रशिक्षण सह कार्यशाला का आयोजन जिला पंचायत सुकमा के सभाकक्ष में गुरुवार को किया गया है। कलेक्टर अमित कुमार के नेतृत्व एवं जिला पंचायत सीईओ मुकुंद ठाकुर के मार्गदर्शन में आयोजित इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य केंद्र और राज्य शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का जमीनी स्तर पर प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करना है। प्रशासन का पूरा जोर इस बात पर है कि विकास की बयार जिले के अंतिम छोर पर बैठे पात्र व्यक्ति तक अनिवार्य रूप से पहुंचे।
इस उच्चस्तरीय प्रशिक्षण के माध्यम से पंचायत सचिवों की प्रशासनिक दक्षता को निखारने और योजनाओं के क्रियान्वयन में एकरूपता लाने का सराहनीय प्रयास किया जा रहा है। कार्यशाला के दौरान विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा सचिवों को शासन के नवीनतम दिशा-निर्देशों, ऑनलाइन प्रक्रियाओं, समय-सीमा के भीतर लक्ष्य पूर्ति और पारदर्शी अभिलेख संधारण की बिंदुवार तकनीकी व व्यावहारिक जानकारी दी जा रही है। अधिकारियों ने सचिवों की शंकाओं का त्वरित समाधान करते हुए उन्हें मैदानी स्तर पर परिणामोन्मुखी काम करने के लिए प्रेरित किया।
कार्यशाला के मुख्य एजेंडे में ग्रामीण भारत की तकदीर बदलने वाली महत्वपूर्ण योजनाएं शामिल हैं। इसके तहत प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण), वीबीजीरामजी, स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) और राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन जैसी जनकल्याणकारी योजनाओं के शत-प्रतिशत संतृप्तिकरण (सैचुरेशन) के लिए रणनीतिक रोडमैप तैयार किया जा रहा है। प्रशासन का स्पष्ट लक्ष्य है कि कोई भी पात्र हितग्राही लाभ से वंचित न रहे और सभी विकास कार्य पूरी गुणवत्ता के साथ समय पर पूरे हों।
प्रशासन की यह दूरदर्शी पहल सुकमा जिले में सुशासन और ग्रामीण सशक्तिकरण की दिशा में एक मील का पत्थर साबित होने जा रही है। इस कार्यशाला से अद्यतन और ऊर्जावान होकर निकलने वाले पंचायत सचिव अब अधिक पारदर्शिता, गति और संवेदनशीलता के साथ गांवों का कायाकल्प करेंगे। निश्चित रूप से जिला प्रशासन का यह कदम न केवल विकास कार्यों को अभूतपूर्व रफ्तार देगा, बल्कि आम जनता का लोकतंत्र और शासकीय तंत्र पर भरोसा और अधिक मजबूत करेगा।
०
Login
अपनी भाषा में समाचार चुनने की स्वतंत्रता | देश की श्रेष्ठतम समाचार एजेंसी

