० 2.76 लाख से अधिक ग्रामीणों को मिला योजनाओं का सीधा लाभ
० जिला सीईओ ने समीक्षा बैठक में दिए आवश्यक निर्देश
सुकमा, 09 जुलाईं (आरएनएस)। जिला प्रशासन सुकमा द्वारा मुख्यमंत्री के मंशानुसार सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों के समग्र विकास के लिए क्रियान्वित ‘बस्तर मुन्नेÓ (नियद नेल्लानार 2.0) अभियान के सकारात्मक परिणाम सामने आने लगे हैं। इस महत्वाकांक्षी अभियान के तहत व्यक्तिमूलक और परिवारमूलक शासकीय योजनाओं को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाने के लिए प्रशासन पूरी गंभीरता से कार्य कर रहा है। इसी सिलसिले में कलेक्टर अमित कुमार के निर्देशानुसार जिला सीईओ मुकुंद ठाकुर की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में गुरुवार को एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसमें अधिकारियों और कर्मचारियों को योजनाओं के शत-प्रतिशत क्रियान्वयन के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। सर्वेक्षण के आंकड़ों के अनुसार, जि़ले में अब तक 2,76,897 से अधिक पात्र हितग्राहियों को विभिन्न लोक-कल्याणकारी और बुनियादी योजनाओं का सीधा लाभ प्रदान कर मुख्यधारा से जोड़ा जा चुका है, जो प्रशासन की संवेदनशीलता को दर्शाता है।
बैठक में बताया गया कि अभियान के अंतर्गत बच्चों के स्वास्थ्य और स्वच्छता जैसे संवेदनशील विषयों पर प्रशासन ने ऐतिहासिक सफलता हासिल की है। महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा संचालित ‘आंगनवाड़ी 0 से 5 वर्ष टीकाकरण (मिशन इंद्रधनुष) के तहत सभी 2,971 चिन्हित बच्चों का शत-प्रतिशत (100त्न) टीकाकरण कर सुरक्षा कवच प्रदान किया गया है। इसी प्रकार, ग्रामीण विकास के क्षेत्र में ‘स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत भी शत-प्रतिशत (100त्न) के जादुई आंकड़े को छूते हुए कुल 43,102 हितग्राहियों को लाभान्वित किया गया है। यह अभूतपूर्व सफलता सुदूर ग्रामीण अंचलों में स्वास्थ्य और स्वच्छता के प्रति एक बड़ी क्रांति बनकर उभरी है।
इसके अतिरिक्त, ग्रामीणों के जीवन स्तर को सुधारने और उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने वाली अन्य महत्वपूर्ण योजनाओं में भी तेज़ गति से कार्य हो रहा है। जल जीवन मिशन के तहत 62.79त्न की सेचुरेशन दर के साथ 11,981 ग्रामीण परिवारों के घरों तक शुद्ध पेयजल पहुंचाया गया है। वहीं, स्थानीय स्तर पर रोजग़ार के अवसरों को बढ़ावा देने के लिए मनरेगा योजना में 20,398 ग्रामीणों को सीधे रोजग़ार से जोड़ा गया है। इसके साथ ही ‘डीएवाई राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशनÓ के माध्यम से 31,810 ग्रामीण महिलाओं व परिवारों को आर्थिक संबल प्रदान करते हुए प्रशासन ने 63त्न सेचुरेशन का एक बड़ा मुकाम हासिल कर लिया है।
प्रशासनिक मुस्तैदी के चलते शिक्षा, राजस्व, स्वास्थ्य और सामाजिक सुरक्षा से जुड़ी बुनियादी आवश्यकताओं को भी ज़मीनी स्तर पर तत्परता से पूरा किया जा रहा है। अनिवार्य नागरिक सेवाओं के तहत अब तक जाति प्रमाण पत्र (24,217 हितग्राही), निवास प्रमाण पत्र (13,340 हितग्राही), और जन-धन खाता (32,523 हितग्राही) का सुदूर अंचलों में सुगमता से विस्तार किया गया है। वहीं स्वास्थ्य क्षेत्र में आयुष्मान भारत के तहत 11,424 लोगों को मुफ्त इलाज की सुविधा तथा सामाजिक सुरक्षा के तहत विधवा पेंशन (3,911 लाभार्थी) एवं इंदिरा गांधी वृद्धा पेंशन योजना (4,070 लाभार्थी) का लाभ सीधे ज़रूरतमंदों तक पहुँच रहा है। कुल मिलाकर, ‘नियद नेल्लानार 2.0Ó के माध्यम से सुकमा का जिला प्रशासन सुदूर बस्तर के ग्रामीणों के जीवन में खुशहाली, विश्वास और सुशासन का नया सवेरा लेकर आया है।
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