हैदराबाद, 09 जुलाई (आरएनएस)। केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने आज हैदराबाद के बिबीनगर स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान – एम्स की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की। बिबीनगर एम्स प्रधानमंत्री स्वास्थ्य सुरक्षा योजना – पीएमएसएसवाई के सातवें चरण के तहत वर्ष 2019 में स्थापित किया गया था। परियोजना जून 2022 में 1,110.55 करोड़ रुपये की लागत से शुरू हुई थी।समीक्षा बैठक में नड्डा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में स्वास्थ्य क्षेत्र में ढांचागत अवसंरचना और क्षमता विस्तार में महत्वपूर्ण प्रगति हुई है। उन्होंने बताया कि 20वीं शताब्दी के अंत तक देश में केवल एक एम्स था, अटल बिहारी वाजपेयी के कार्यकाल में 6 और जोड़े गए। 2014 के बाद अब तक 16 नए एम्स स्थापित किए गए हैं, जिससे देश में एम्स की कुल संख्या 23 हो गई है। इनमें से 18 एम्स संचालित हैं और शेष निर्माणाधीन हैं।मंत्री ने कहा कि सरकार ने तृतीयक स्वास्थ्य संस्थानों को मजबूत करने के साथ-साथ द्वितीयक और प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं का भी विस्तार किया है। देश में अब 1.85 लाख आयुष्मान आरोग्य मंदिर हैं, जहां लगभग 1.5 अरब लोगों को स्वास्थ्य सेवाएं मिल रही हैं। मेडिकल कॉलेजों की संख्या भी 2014 के 387 से बढ़कर 820 हो गई है।बिबीनगर एम्स की प्रस्तुति में बताया गया कि संस्थान में 132 संकाय सदस्य और 133 वरिष्ठ रेजिडेंट डॉक्टर हैं। स्थापना के तुरंत बाद एमबीबीएस पाठ्यक्रम शुरू हुआ और दो बैच उत्तीर्ण हो चुके हैं। यहां 24 एमडी, 5 डीएम/एमसीएच विषयों में स्नातकोत्तर शिक्षा दी जा रही है। 60 सीटों वाला बी.एससी. नर्सिंग 2024 में शुरू हुआ और एम.एससी. नर्सिंग 5 विशेषज्ञताओं में उपलब्ध है। संस्थान में कुल 902 मेडिकल छात्र अध्ययनरत हैं।रोगी सेवाओं के संदर्भ में बताया गया कि एम्स में सभी प्रमुख विशेषज्ञताओं में ओपीडी चल रही है और प्रतिदिन लगभग 1,800 मरीजों का इलाज होता है। 250 बिस्तरों के साथ भर्ती सेवा और हाल में आपातकालीन सेवाएं शुरू की गई हैं। सीटी, एमआरआई, डेक्सा सहित अधिकांश जांच सुविधाएं उपलब्ध हैं। संस्थान तेलंगाना के सभी 33 जिलों में ई-संजीवनी के माध्यम से टेलीकंसल्टेशन दे रहा है और आयुष्मान भारत-आरोग्यश्री योजना के तहत सेवाएं दे रहा है। लगभग 90 प्रतिशत रोगी आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन से जुड़े हैं।अनुसंधान के क्षेत्र में एम्स बिबीनगर ने 129 परियोजनाओं के लिए 64 करोड़ रुपये का अनुदान प्राप्त किया है और 1,156 शोध प्रकाशित किए हैं। संस्थान डीआरडीओ के साथ कार्बन-युक्त कृत्रिम पैर के निर्माण पर भी काम कर रहा है।सामुदायिक स्वास्थ्य में संस्थान ने 6 गांवों को गोद लेकर 547 स्वास्थ्य शिविर लगाए हैं। ग्रामीण और शहरी स्वास्थ्य प्रशिक्षण केंद्रों के माध्यम से अब तक 66,148 मरीजों को लाभ मिला है। 10 किमी दायरे वाला सामुदायिक रेडियो भी शुरू किया गया है जिससे 43 शैक्षिक कार्यक्रम प्रसारित हुए हैं।निर्माण की समीक्षा में बताया गया कि 902 करोड़ रुपये की लागत वाला कार्य 87.4 प्रतिशत पूरा हो चुका है। अस्पताल के सी और एफ ब्लॉक, आयुष भवन, छात्रावास और शैक्षणिक ब्लॉक तैयार हैं। रेडियोथेरेपी और ओटी कॉम्प्लेक्स जल्द पूरे होंगे।श्री नड्डा ने संकाय की कमी दूर करने के लिए वर्ष में 4 बार चयन समिति की बैठक और गेस्ट फैकल्टी की नियुक्ति का सुझाव दिया। उन्होंने गैर-नवीकरणीय ऊर्जा के उपयोग और मानव संसाधन सुदृढ़ीकरण पर जोर दिया। बैठक के बाद उन्होंने कार्डियक कैथ लैब, रोबोटिक नेविगेशन सिस्टम, आयुष ब्लॉक और योग केंद्र का निरीक्षण किया।
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