मुंगेली 10 जुलाई (आरएनएस) अब जांच के लिए थाने लौटने का इंतजार नहीं करना पड़ेगा। मुंगेली पुलिस के विवेचक घटनास्थल से ही फोटो, वीडियो, गवाहों के बयान और डिजिटल साक्ष्य ऑनलाइन अपलोड कर सकेंगे। नए आपराधिक कानूनों के अनुरूप यह पहल विवेचना को तेज, पारदर्शी और अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में बड़ा कदम मानी जा रही है।
नए आपराधिक कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन और डिजिटल पुलिसिंग को मजबूत करने की दिशा में मुंगेली पुलिस ने महत्वपूर्ण पहल की है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक भोजराम पटेल ने 9 जुलाई 2026 को जिले के थाना एवं चौकी प्रभारियों तथा विवेचकों को 68 मोबाइल डाटा टर्मिनल (एमडीटी) डिवाइस वितरित किए। वितरण कार्यक्रम में जिले के सभी राजपत्रित अधिकारी, थाना प्रभारी, चौकी प्रभारी और विवेचक मौजूद रहे। इस पहल का उद्देश्य विवेचना प्रक्रिया को तकनीकी रूप से सशक्त, पारदर्शी और समयबद्ध बनाना है।
एसएसपी भोजराम पटेल ने बताया कि एमडीटी डिवाइस मिलने के बाद विवेचक अब घटनास्थल से ही डिजिटल साक्ष्य जुटाकर उन्हें तत्काल ऑनलाइन अपलोड कर सकेंगे। घटनास्थल के फोटो, वीडियो, गवाहों के बयान और अन्य आवश्यक दस्तावेज सीधे सिस्टम में दर्ज किए जाएंगे। इससे जांच में होने वाली अनावश्यक देरी कम होगी और वरिष्ठ अधिकारी भी प्रकरणों की रियल टाइम मॉनिटरिंग कर सकेंगे।
जिले में सिटी कोतवाली मुंगेली और थाना लोरमी को 10-10, थाना पथरिया, लालपुर और जरहागांव को 6-6, थाना फास्टरपुर को 5, थाना सरगांव को 7, थाना बिल्ही को 6, चौकी साकेत को 2, चौकी डिंडौरी को 4, चौकी खुड़िया को 3, अजाक थाना को 2 तथा साइबर सेल को 1 एमडीटी डिवाइस उपलब्ध कराई गई है। कुल 68 उपकरणों के माध्यम से जिले के सभी प्रमुख पुलिस थानों और इकाइयों को डिजिटल जांच प्रणाली से जोड़ा गया है।
फिलहाल, मुंगेली पुलिस की यह पहल नई भारतीय आपराधिक न्याय व्यवस्था के अनुरूप आधुनिक और तकनीक आधारित पुलिसिंग की दिशा में अहम कदम मानी जा रही है। इससे विवेचना की गुणवत्ता बेहतर होने के साथ आम लोगों को भी अधिक तेज, पारदर्शी और भरोसेमंद पुलिस सेवा मिलने की उम्मीद है।







