New Delhi 10 Jully /- भारत और ब्रिटेन के बीच व्यापारिक संबंधों में एक नए युग की शुरुआत होने जा रही है, जिससे दोनों देशों के बीच कारोबार को एक नई गति मिलेगी. दोनों देशों के मध्य बहुप्रतीक्षित मुक्त व्यापार समझौता (एफटीए) मध्य जुलाई से आधिकारिक रूप से प्रभावी होने जा रहा है. इस ऐतिहासिक कदम को अमलीजामा पहनाने के लिए विदेश व्यापार महानिदेशालय ने अपनी प्रशासनिक तैयारियां पूरी कर ली हैं और आयात से जुड़े नियमों तथा रियायतों की आधिकारिक अधिसूचना भी जारी कर दी है. इस नीतिगत निर्णय के बाद वैश्विक ऑटोमोबाइल बाजार और अंतरराष्ट्रीय व्यापार से जुड़े क्षेत्रों में बड़ी हलचल देखी जा रही है.
ब्रिटेन की शानदार कारों का आयात होगा सस्ता, सीमा शुल्क में भारी कटौती
सरकार द्वारा जारी नई गाइडलाइंस के मुताबिक, समझौते के पहले ही वर्ष में यूनाइटेड किंगडम से आने वाली चुनिंदा प्रीमियम कारों पर लगने वाले आयात शुल्क में ऐतिहासिक रूप से बड़ी कटौती की गई है. अब बड़े और शक्तिशाली इंजन क्षमता वाले वाहनों को भारतीय बाजारों में लाने के लिए ऑटो कंपनियों को पहले के मुकाबले बेहद कम टैक्स चुकाना होगा. अलग-अलग इंजन क्षमता के आधार पर शुल्क की दरों को श्रेणीबद्ध किया गया है, जिसके तहत कुछ विशेष श्रेणी के वाहनों पर लगने वाली कस्टम ड्यूटी को तीन अंकों से घटाकर बेहद निचले स्तर पर ला दिया गया है. इस व्यवस्था से देश के वाहन शौकीनों को वैश्विक स्तर की लग्जरी कारें अब अधिक किफायती कीमतों पर उपलब्ध हो सकेंगी

