विपक्ष के नेताओं व कार्यकर्ताओं को टारगेट किया जा रहा है। सुशील मौर्य
केशव सल्होत्रा
जगदलपुर 10 जुलाई (आरएनएस) प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष दीपक बैज के निर्देश पर बस्तर जिला कांग्रेस कमेटी शहर/ग्रामीण के संयुक्त तत्वाधान में शहर जिला कांग्रेस अध्यक्ष सुशील मौर्य के नेतृत्व मे विभिन्न जांच व प्रशासनिक एजेंसियों का दुरुपयोग कर कांग्रेस पार्टी की छवि धूमिल करने व कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं व कार्यकर्ताओं को लगातार प्रताड़ित करने के विरोध में भाजपा सरकार के खिलाफ प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री का पुतला दहन किया गया।
अध्यक्ष सुशील मौर्य ने कहा कांग्रेस नेताओं ने कहा कि लोकतंत्र में जांच एजेंसियों का निष्पक्ष उपयोग होना चाहिए, न कि राजनीतिक प्रतिशोध के लिए।भाजपा राजनीतिक मैदान में कांग्रेस का सामना करने में नाकाम साबित हुई है, इसलिए अब वह ईडी,आईटी और राज्य की प्रशासनिक एजेंसियों को अपना हथियार बनाकर कांग्रेस नेताओं को डराने की कोशिश कर रही है।जो कि इनकी सबसे बड़ी भूल है। पूर्व प्रदेश कोषाध्यक्ष रामगोपाल अग्रवाल की गिरफ्तारी राजनीतिक दुर्भावना से प्रेरित है। इसी के विरोध में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का प्रतीकात्मक पुतला दहन किया गया।भाजपा सरकार के पास जनहित के मुद्दों पर काम करने के लिए वक्त नहीं है। इसलिए वह लगातार कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं और जमीनी कार्यकर्ताओं को टारगेट बनाकर प्रताड़ित कर रही है। देश और प्रदेश में लोकतंत्र की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। आज छत्तीसगढ़ में कानून-व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं को लगातार मानसिक और राजनीतिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है, जिसे बस्तर का एक-एक कांग्रेस कार्यकर्ता बर्दाश्त नहीं करेगा।जनता और विपक्ष की आवाज को दबने नहीं देंगे। कांग्रेस पार्टी की सख्त चेतावनी है कि यदि ऐसी कार्रवाई जारी रही तो प्रदेशभर में चरणबद्ध आंदोलन और तेज किया जाएगा।
पूर्व विधायक रेखचंद जैन ने कहा भाजपा सरकार जांच एजेंसियों को एक राजनैतिक हथियार की तरह इस्तेमाल कर रही है, जिसका एकमात्र मकसद कांग्रेस पार्टी की छवि को धूमिल करना और हमारे वरिष्ठ नेताओं व जमीनी कार्यकर्ताओं को मानसिक व प्रशासनिक रूप से प्रताड़ित करना है। लोकतांत्रिक व्यवस्था में विपक्ष की भूमिका महत्वपूर्ण होती है, लेकिन वर्तमान सरकार पूरी तरह से तानाशाही पर उतारू हो चुकी है। जनहित और विपक्ष की आवाज को सड़क से लेकर सदन तक बुलंद रखा जाएगा। यदि विपक्ष के नेताओं के खिलाफ राजनैतिक द्वेषपूर्वक की जा रही कार्रवाई तुरंत बंद नहीं की गई, तो आने वाले दिनों में कांग्रेस पार्टी पूरे संभाग और प्रदेश स्तर पर उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होगी। इस दौरान वरिष्ठ कांग्रेसी उमाशंकर शुक्ला,नेता प्रतिपक्ष राजेश चौधरी,पूर्व सभापति कविता साहू,महिला कांग्रेस अध्यक्ष लता निषाद,चम्पा ठाकुर,कोमल सेना,रविशंकर तिवारी, लाखेश,महामंत्री सुभाष गुलाटी,विजय सिंह,अल्ताफ उल्ला खान, सुषमा सुता,अनुराग महतो,नीतीश शर्मा,महेश द्विवेदी,ब्लॉक अध्यक्ष बलराम यादव,संतोष सेठिया,सूर्यापाणि,यूंका अध्यक्ष निकेत राज झा,किसान कांग्रेस अध्यक्ष दयाराम कश्यप,संजय पाणिग्रही,लखेश्वर कश्यप, अल्पसंख्यक अध्यक्ष रोजविन दास,व्यापार प्रकोष्ठ अध्यक्ष राजेंद्र पटवा,ललिता राव,महेश ठाकुर दिव्यांग प्रकोष्ठ अध्यक्ष,संदीप दास,भोजराज नाग, विक्रांत सिंह,तरनजीत सिंह,अपर्णा बाजपेयी, ज्योति राव,एस नीला,मोहसिन खान,वैभव नेताम, कर्तव्य आचार्य,पार्षद अफरोज बेगम,जस्टिन भवानी,रामकृष्ण तिवारी आदि मौजूद रहे।

