धमतरी, 10 जुलाई (आरएनएस)। हत्या के प्रयास के एक मामले में धमतरी पुलिस को बड़ी न्यायिक सफलता मिली है। जमीन विवाद में आरीनुमा लोहे के हथियार से हमला करने वाले आरोपी को न्यायालय ने 7 वर्ष के सश्रम कारावास और 1,000 रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है। उत्कृष्ट विवेचना के लिए पुलिस अधीक्षक ने तत्कालीन विवेचना अधिकारियों को पुरस्कृत करने की घोषणा की है।
पुलिस अधीक्षक सूरज सिंह परिहार के निर्देशन में गंभीर अपराधों की वैज्ञानिक एवं साक्ष्य-आधारित विवेचना पर विशेष जोर दिया जा रहा है। इसी क्रम में थाना सिविल लाइन रूद्री के अपराध क्रमांक 75/2024 में न्यायालय ने आरोपी सुरेंद्र कुमार ध्रुव को दोषी ठहराते हुए यह सजा सुनाई।
जमीन विवाद में किया था जानलेवा हमला
पुलिस के अनुसार, 14 नवंबर 2024 को ग्राम बेन्द्रा नवागांव निवासी निरंजन ढीमर ने थाना सिविल लाइन रूद्री में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया कि जमीन विवाद को लेकर आरोपी सुरेंद्र कुमार ध्रुव ने पहले गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी दी, फिर लोहे के लकड़ी काटने वाले आरीनुमा हथियार से हमला कर दिया। हमले में प्रार्थी के बाएं हाथ में गंभीर चोट आई थी।
रिपोर्ट दर्ज होते ही पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार किया और भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया।
मजबूत साक्ष्यों से हुई दोषसिद्धि
मामले की विवेचना तत्कालीन उपनिरीक्षक अमित बघेल और सहायक उपनिरीक्षक भीष्म अवस्थी ने की। पुलिस द्वारा एकत्र किए गए मजबूत साक्ष्यों और प्रभावी अनुसंधान के आधार पर अभियोजन पक्ष न्यायालय में आरोप सिद्ध करने में सफल रहा, जिसके परिणामस्वरूप आरोपी को 7 वर्ष के सश्रम कारावास और 1,000 रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई गई।
विवेचना अधिकारियों को मिलेगा पुरस्कार
पुलिस अधीक्षक सूरज सिंह परिहार ने उत्कृष्ट विवेचना, निष्पक्ष अनुसंधान और प्रभावी साक्ष्य संकलन के लिए तत्कालीन विवेचना अधिकारी उपनिरीक्षक अमित बघेल एवं सहायक उपनिरीक्षक भीष्म अवस्थी को नगद पुरस्कार देकर सम्मानित करने की घोषणा की है। उन्होंने कहा कि गुणवत्तापूर्ण और वैज्ञानिक विवेचना से ही अपराधियों को न्यायालय से कठोर सजा दिलाना संभव है।
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