अयोध्या, 10 जुलाई (आरएनएस ) । मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी ने अयोध्या को सनातन धर्म की सांस्कृतिक राजधानी के रूप में स्थापित किया है, जबकि आस्था का दिखावा करने वाले राजनीतिक दलों ने केवल लोगों की भावनाओं से खिलवाड़ किया। उन्होंने कहा कि जो लोग धर्म और आस्था की राजनीति करते हैं, वे यह बताएं कि यदि वे जामा मस्जिद में हनुमान चालीसा का पाठ नहीं करा सकते, तो हनुमानगढ़ी की सीढिय़ों पर नमाज पढ़वाने जैसी घटनाएं क्यों हुईं। उन्होंने इसे आस्था के साथ किया गया अन्याय बताया।मुख्यमंत्री शुक्रवार को बीकापुर विधानसभा क्षेत्र में 432 करोड़ रुपये से अधिक लागत की 217 विकास परियोजनाओं के लोकार्पण एवं शिलान्यास कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने पूर्व मंत्री मुन्ना सिंह चौहान की प्रतिमा का अनावरण किया तथा अयोध्या के विकास कार्यों पर आधारित लघु फिल्म का भी अवलोकन किया।कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने बीकापुर विधायक की मांग पर ग्राम पंचायत खिरौनी-सुचित्तागंज से बनी नगर पंचायत का नाम मां ज्वाला देवी नगर पंचायत रखने की घोषणा की। साथ ही उन्होंने कहा कि भदरसा नगर पंचायत का नाम बदलकर भरतनगर भरतकुंड किया जाएगा। उन्होंने कहा कि भगवान भरत का त्याग, समर्पण और भाईचारे का आदर्श आज भी समाज को प्रेरणा देता है और भरतकुंड उसी गौरवशाली परंपरा का प्रतीक है।मुख्यमंत्री ने कहा कि जब जनप्रतिनिधि सक्रिय होते हैं और उनकी नीयत साफ होती है तो विकास स्वत: गति पकड़ता है। उन्होंने कहा कि बीकापुर, मिल्कीपुर, गोसाईगंज, रुदौली और पूरे अयोध्या क्षेत्र में विकास कार्य इसकी मिसाल हैं। पहले अयोध्या सड़क, बिजली, पानी जैसी बुनियादी सुविधाओं से वंचित थी, लेकिन आज यहां आधुनिक बुनियादी ढांचा विकसित हो चुका है।उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन के अनुरूप अयोध्या आज सोलर सिटी के रूप में विकसित हो रही है। नए घाट से लेकर गुप्तार घाट तक घाटों का सौंदर्यीकरण किया गया है। सूरजकुंड का पुनरुद्धार कराया गया है तथा भरतकुंड के विकास का कार्य भी तेजी से चल रहा है। अब अयोध्या की गलियां, सड़कें और धार्मिक स्थल नई पहचान के साथ देश-दुनिया के श्रद्धालुओं का स्वागत कर रहे हैं।मुख्यमंत्री ने समाजवादी पार्टी और कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि इन दलों ने वर्षों तक अयोध्या के विकास और राम मंदिर निर्माण में बाधाएं खड़ी कीं। उन्होंने कहा कि रामभक्तों पर गोलियां चलवाई गईं और भगवान राम के अस्तित्व पर सवाल उठाए गए, लेकिन डबल इंजन सरकार बनने के बाद भव्य राम मंदिर का निर्माण संभव हुआ। आज अयोध्या आने वाला प्रत्येक श्रद्धालु यहां के विकास और धार्मिक वैभव से अभिभूत होकर लौटता है।उन्होंने कहा कि भक्ति पथ, धर्मपथ, रामपथ और जन्मभूमि पथ अयोध्या की नई पहचान बन चुके हैं। शहर में फोरलेन और सिक्सलेन सड़कें, आधुनिक रेलवे स्टेशन, महर्षि वाल्मीकि अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा तथा बेहतर सड़क संपर्क ने अयोध्या को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाई है। इसका लाभ बीकापुर, रुदौली, मिल्कीपुर और गोसाईगंज सहित पूरे क्षेत्र को मिल रहा है।मुख्यमंत्री ने कहा कि डबल इंजन सरकार ने सामाजिक समरसता को भी मजबूत किया है। निषादराज के नाम पर रैन बसेरा और माता शबरी के नाम पर भोजनालय स्थापित किए गए हैं। श्रृंग्वेरपुर में भगवान राम और निषादराज के मिलन की भव्य प्रतिमा एवं स्मारक का निर्माण कराया गया है, जिससे धार्मिक और सांस्कृतिक पर्यटन को नई गति मिली है।उन्होंने कहा कि 2017 से पहले उत्तर प्रदेश और अयोध्या की छवि अलग थी, लेकिन आज प्रदेश के लोगों को देश-दुनिया में सम्मान मिल रहा है। अयोध्या में विकास और विरासत का अद्भुत संगम दिखाई दे रहा है। जो कार्य पिछले 500 वर्षों में संभव नहीं हो पाया था, वह आज साकार हो चुका है और प्रतिदिन लाखों श्रद्धालु रामलला के दर्शन के लिए अयोध्या पहुंच रहे हैं।मुख्यमंत्री ने विपरीत मौसम के बावजूद कार्यक्रम में बड़ी संख्या में पहुंचे लोगों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि लगातार हो रही बारिश के बीच भी जनता का उत्साह यह साबित करता है कि विपरीत परिस्थितियों से संघर्ष करना अयोध्या की पहचान है।कार्यक्रम में महापौर गिरीश पति त्रिपाठी, विधायक रामचंद्र यादव, अभय सिंह, चंद्रभानु पासवान, जिला पंचायत अध्यक्ष रोली सिंह, पूर्व विधायक शोभा सिंह चौहान, गोरखनाथ बाबा, इंद्रप्रताप तिवारी ‘खब्बूÓ, भाजपा के जिलाध्यक्ष राधेश्याम त्यागी, महानगर अध्यक्ष कमलेश श्रीवास्तव सहित अनेक जनप्रतिनिधि और अधिकारी उपस्थित रहे। विधायक डॉ. अमित सिंह चौहान ने अतिथियों का स्वागत किया।
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