नई दिल्ली, 10 जुलाई (आरएनएस)। केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन – ABDM की प्रगति की समीक्षा के लिए मिशन संचालन समूह की तीसरी बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में त्रिपुरा के मुख्यमंत्री डॉ. माणिक साहा, मध्य प्रदेश के उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ला, केंद्रीय मंत्री प्रतापराव जाधव, अनुप्रिया पटेल और जितिन प्रसाद सहित कई राज्यों के मंत्री और वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। नड्डा ने कहा कि ABDM विश्व के सबसे बड़े डिजिटल स्वास्थ्य इकोसिस्टम में से एक के रूप में उभरा है। अब तक 93.95 करोड़ से अधिक ABHA नंबर जारी किए जा चुके हैं। 105 करोड़ स्वास्थ्य रिकॉर्ड लिंक किए गए हैं। राष्ट्रीय डिजिटल स्वास्थ्य रजिस्ट्री पर 5.33 लाख स्वास्थ्य सुविधाएं और 9.85 लाख स्वास्थ्य पेशेवर पंजीकृत हैं। उन्होंने बताया कि मिशन ने 2.72 लाख स्वास्थ्य सुविधाओं को ABDM सॉफ्टवेयर अपनाने में सक्षम बनाया है। ओपीडी पंजीकरण के लिए लगभग 24 करोड़ स्कैन एंड रजिस्टर टोकन जारी किए गए हैं। इससे मरीजों को लंबी कतारों से राहत मिली है और स्वास्थ्य सेवा तेज हुई है।बैठक में ABDM के तहत हुई प्रगति की समीक्षा की गई। क्षमता निर्माण, राज्य स्तरीय कार्यान्वयन तंत्र को मजबूत करना, सरकारी कार्यक्रमों में डिजिटल प्लेटफार्मों का एकीकरण और निजी स्वास्थ्य प्रदाताओं की भागीदारी जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई। मॉडल जिलों, मॉडल सुविधाओं और आरोग्य सेतु 2.0 जैसी पहलों के जरिए राज्यों में मिशन के विस्तार की सराहना की गई। साथ ही आयुष्मान भारत-PMJAY, CGHS, ESIC और निकषय जैसे प्रमुख कार्यक्रमों के साथ एकीकरण को और मजबूत करने पर बल दिया गया। नड्डा ने कहा कि ABDM के तहत मजबूत डिजिटल स्वास्थ्य अवसंरचना का निर्माण किया गया है। लेकिन अगले चरण में देश भर में इसके अधिकतम उपयोग पर ध्यान केंद्रित करना होगा। उन्होंने कहा कि सार्वभौमिक स्वास्थ्य कवरेज के लिए प्रौद्योगिकी एक शक्तिशाली साधन है। यह प्रत्येक नागरिक के लिए समावेशिता, सुलभता और उपयोग में आसानी सुनिश्चित करे।स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवा तक पहुंच सुधारने और नागरिकों को उनके स्वास्थ्य रिकॉर्ड तक सुरक्षित और सहमति-आधारित पहुंच देने में अहम भूमिका निभा रही है। इससे देखभाल की निरंतरता बढ़ी है।बैठक में डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार, अंतरसंचालनीयता सुधारने, राष्ट्रीय डिजिटल स्वास्थ्य मानकों को अपनाने और शासन तंत्र मजबूत करने के प्रस्तावों पर विचार किया गया। AI सहित उभरती प्रौद्योगिकियों का लाभ उठाने, संस्थागत क्षमताओं को मजबूत करने और राज्यों के साथ सहयोग बढ़ाने पर भी चर्चा हुई। नड्डा ने विश्वास जताया कि केंद्र, राज्यों और सभी हितधारकों के सहयोग से देश में मजबूत, समावेशी और भविष्य के लिए तैयार डिजिटल स्वास्थ्य इकोसिस्टम बनेगा। उन्होंने कहा, “वर्ष 2047 तक विकसित भारत के विजन को साकार करने के लिए स्वास्थ्य क्षेत्र को मजबूत करना आवश्यक है। ABDM इस यात्रा में एक महत्वपूर्ण स्तंभ के रूप में कार्य करेगा।” उन्होंने सभी से प्रत्येक नागरिक के लिए निर्बाध, सुरक्षित और नागरिक-केंद्रित डिजिटल स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित करने की दिशा में सामूहिक रूप से कार्य करने का आह्वान किया।
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