धमतरी, 10 जुलाई (आरएनएस)। स्वामी आत्मानंद शासकीय उच्चतर माध्यमिक शाला, सिंगपुर में आयोजित शाला प्रवेशोत्सव कार्यक्रम में पुलिस अधीक्षक सूरज सिंह परिहार मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने विद्यार्थियों, शिक्षकों और अभिभावकों को शिक्षा, संस्कार, राष्ट्र निर्माण और गुरु-शिष्य परंपरा का महत्व बताते हुए प्रेरक संदेश दिया। साथ ही विद्यालय में स्मार्ट बोर्ड (टीवी पैनल) का शुभारंभ किया और पुस्तकालय के लिए 11 हजार रुपये मूल्य की पुस्तकों के योगदान की घोषणा की।
कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। अपने संबोधन में एसपी परिहार ने कहा कि आज के विद्यार्थी ही विकसित भारत के भविष्य और राष्ट्र के वास्तविक कर्णधार हैं। उन्होंने कहा कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, अनुशासन और अच्छे संस्कार विद्यार्थियों को आदर्श नागरिक बनाते हैं तथा गुरु का स्थान मानव जीवन में सर्वोच्च है।
विद्यार्थियों से किया संवाद, लक्ष्य तय करने की दी सीख
एसपी ने विद्यार्थियों से उनके जीवन के लक्ष्य पूछे। कई छात्रों ने आईएएस, आईपीएस, डॉक्टर, इंजीनियर, शिक्षक और पुलिस अधिकारी बनने की इच्छा जताई। इस पर उन्होंने कहा कि सही मार्गदर्शन और मेहनत से यही विद्यार्थी भविष्य में देश के उत्कृष्ट अधिकारी बनेंगे और राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
Óराष्ट्र ऋणÓ निभाने का दिया संदेश
कार्यक्रम के दौरान एसपी ने भारतीय संस्कृति से जुड़ा प्रश्न पूछते हुए ऋणों के प्रकार जानने की जिज्ञासा व्यक्त की। ग्राम अंजोरा की गायत्री सिन्हा ने देव ऋण, मातृ-पितृ ऋण तथा गुरु/ऋषि ऋण का सही उत्तर दिया, जिसके लिए उन्हें मंच पर सम्मानित किया गया।
एसपी परिहार ने कहा कि वर्तमान समय में एक चौथा ‘राष्ट्र ऋणÓ भी है, जिसे प्रत्येक नागरिक को ईमानदारी, अनुशासन और राष्ट्रसेवा के माध्यम से चुकाना चाहिए। उन्होंने कहा कि हमें वाद-विवाद नहीं बल्कि संवाद की संस्कृति को अपनाना चाहिए, क्योंकि संवाद ही समाज और राष्ट्र को आगे बढ़ाने का सबसे प्रभावी माध्यम है।
स्मार्ट बोर्ड का शुभारंभ, पुस्तकालय के लिए पुस्तकों की घोषणा
शिक्षा में तकनीक के महत्व पर बल देते हुए एसपी ने विद्यालय में स्थापित स्मार्ट बोर्ड (टीवी पैनल) का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि डिजिटल शिक्षा से विद्यार्थियों को आधुनिक और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिलेगी तथा उनकी प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता बढ़ेगी।
विद्यालय के प्राचार्य डॉ. वी.पी. चंद्रा के शिक्षा के प्रति समर्पण की सराहना करते हुए उन्होंने विद्यालय के पुस्तकालय के लिए 11 हजार रुपये मूल्य की उत्कृष्ट पुस्तकों का योगदान देने की घोषणा भी की। कार्यक्रम में मेधावी एवं प्रतिभाशाली छात्र-छात्राओं को प्रशस्ति-पत्र देकर सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर संयुक्त कलेक्टर डॉ. कल्पना ध्रुव, प्राचार्य डॉ. वी.पी. चंद्रा, सरपंच लोमेश्वर साहू, थाना प्रभारी मगरलोड प्रमोद अमलतास, विद्या भारती के पदाधिकारी विवेक सक्सेना एवं लक्ष्मणराव, शिक्षक, अभिभावक, ग्राम संगठन की महिलाएं तथा बड़ी संख्या में ग्रामीण और छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
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