10 जुलाई (आरएनएस )। सेवा, सुशासन एवं समर्पण की भावना के अनुरूप संचालित ‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वारÓ अभियान के तहत शुक्रवार को विकासखंड द्वाराहाट के जनता उच्चतर माध्यमिक विद्यालय गोलूछाना परिसर में बहुउद्देशीय शिविर आयोजित किया गया। शिविर में जिलाधिकारी अंशुल सिंह ने लोगों की समस्याएं सुनते हुए संबंधित अधिकारियों को उनके समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के निर्देश दिए। शिविर में विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉलों के माध्यम से 1150 से अधिक लोगों ने सरकारी योजनाओं और सेवाओं का लाभ उठाया। आधार सेवा केंद्र पर आधार नामांकन एवं संशोधन से जुड़े कार्य किए गए, जबकि श्रम विभाग ने मौके पर ही श्रम कार्ड बनाए। अन्य विभागों ने भी विभिन्न जनोपयोगी सेवाएं उपलब्ध कराईं। विभिन्न विभागों ने पात्र लाभार्थियों को योजनाओं का लाभ भी प्रदान किया। महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास विभाग ने तीन लाभार्थियों को महालक्ष्मी किट वितरित की। डेयरी विकास विभाग ने छह पशुपालकों को स्वच्छ दुग्ध उत्पादन किट उपलब्ध कराई। वहीं मत्स्य विभाग ने दो लाभार्थियों को मत्स्य तालाब निर्माण एवं सुधार कार्यों के लिए एक लाख रुपये से अधिक की स्वीकृति के चेक वितरित किए। शिविर में पहुंचे बागवानी विकास परिषद के उपाध्यक्ष देवेंद्र सिंह ढेला ने कहा कि सरकार अब स्वयं गांवों तक पहुंचकर लोगों को योजनाओं का लाभ दिला रही है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में संचालित ‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वारÓ अभियान के तहत लगाए जा रहे बहुउद्देशीय शिविर ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों के लिए बेहद लाभकारी साबित हो रहे हैं। जिलाधिकारी अंशुल सिंह ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में आयोजित इन शिविरों का उद्देश्य लोगों को उनके घर के निकट ही सरकारी योजनाओं और सेवाओं का लाभ उपलब्ध कराना तथा उनकी समस्याओं का प्रभावी समाधान सुनिश्चित करना है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि शिविर केवल औपचारिकता तक सीमित न रहें, बल्कि उनका वास्तविक लाभ अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति तक पहुंचे। साथ ही शिविर में प्राप्त सभी शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। शिविर के दौरान कुल 96 शिकायतें दर्ज की गईं, जिनमें से अधिकांश का मौके पर ही निस्तारण कर दिया गया, जबकि शेष शिकायतों को संबंधित विभागों को कार्रवाई के लिए भेजा गया। इस अवसर पर उत्तराखंड पलायन निवारण आयोग के सदस्य अनिल सिंह साही, उपजिलाधिकारी द्वाराहाट सुनील कुमार राज, परियोजना निदेशक डीआरडीए के.एन. तिवारी, खंड विकास अधिकारी निवेदिता खुल्बे सहित जनप्रतिनिधि, विभागीय अधिकारी और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौजूद रहे।
अपनी भाषा में समाचार चुनने की स्वतंत्रता | देश की श्रेष्ठतम समाचार एजेंसी

