हरिद्वार,10 जुलाई (आरएनएस)। बारिश ने शुक्रवार को क्षेत्र की जलनिकासी व्यवस्था की हकीकत सामने ला दी। करीब सात घंटे तक हुई मूसलाधार बारिश के बाद पतंजलि-दिनारपुर-सुभाषगढ़-ऐथल होते हुए लक्सर जाने वाला मुख्य मार्ग घुटनों से लेकर कई स्थानों पर चार फीट तक पानी में डूब गया। सड़क तालाब में तब्दील होने से घंटों तक यातायात पूरी तरह बाधित रहा। दोपहिया वाहन बीच रास्ते में बंद हो गए, जबकि चारपहिया वाहनों को वापस लौटना पड़ा या वैकल्पिक मार्गों का सहारा लेना पड़ा। दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लगने से सैकड़ों लोगों को घंटों जाम से जूझना पड़ा। सुबह से शुरू हुई बारिश दोपहर तक लगातार जारी रही। लगातार बरसात और जल निकासी की समुचित व्यवस्था नहीं होने के कारण मुख्य सड़क पर तेजी से पानी भर गया। कई स्थानों पर तीन से चार फीट तक जलभराव होने से वाहन चालकों के सामने आवागमन का संकट खड़ा हो गया। पानी में वाहन बंद होने के कारण लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा और मार्ग पर लंबा जाम लग गया। जलभराव के बीच पैदल राहगीरों को भी जान जोखिम में डालकर सड़क पार करनी पड़ी। फिसलन और पानी के तेज बहाव के कारण लोगों को काफी मशक्कत करनी पड़ी। आसपास की कई गलियां भी जलमग्न हो गईं, जिससे स्थानीय लोगों का घरों से बाहर निकलना तक मुश्किल हो गया। बारिश थमने के बाद ग्रामीणों ने अपने स्तर पर पंपिंग सेट लगाकर सड़क से पानी निकालने का प्रयास किया, लेकिन इसके बावजूद कई घंटों तक पानी जमा रहा और यातायात सामान्य होने में लंबा समय लग गया। स्थानीय लोगों का कहना है कि हर वर्ष बरसात के दौरान इस मार्ग पर ऐसे ही हालात बनते हैं, लेकिन स्थायी जल निकासी व्यवस्था आज तक नहीं हो सकी। उनका आरोप है कि बरसात से पहले नालों की सफाई और जल निकासी के बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं, लेकिन पहली ही तेज बारिश में सभी दावों की पोल खुल जाती है। लोगों ने प्रशासन से जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान कराने की मांग की है, ताकि मानसून के दौरान आम लोगों को बार-बार इस परेशानी का सामना न करना पड़े।
अपनी भाषा में समाचार चुनने की स्वतंत्रता | देश की श्रेष्ठतम समाचार एजेंसी

