0 धमतरी पुलिस की नई पहल
धमतरी, 11 जुलाई (आरएनएस)। नवीन आपराधिक कानूनों के प्रभावी और गुणवत्तापूर्ण क्रियान्वयन को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से धमतरी पुलिस ने पुलिस लाइन रूद्री स्थित कम्पोजिट भवन में एक दिवसीय विशेष कार्यशाला का आयोजन किया। पुलिस अधीक्षक सूरज सिंह परिहार के निर्देशन में आयोजित इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में सेवानिवृत्त पूर्व विशेष पुलिस महानिदेशक आर.के. विज (आईपीएस) ने मुख्य वक्ता के रूप में अधिकारियों और कर्मचारियों को नए कानूनों के व्यावहारिक एवं विधिक पहलुओं की विस्तृत जानकारी दी।
कार्यशाला में भारतीय न्याय संहिता (BNS)-2023, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS)-2023 तथा भारतीय साक्ष्य अधिनियम (BSA)-2023 के प्रमुख प्रावधानों, नई विवेचना प्रक्रिया, इलेक्ट्रॉनिक एवं डिजिटल साक्ष्यों के वैज्ञानिक संकलन, प्रभावी अभियोजन तथा न्यायालयीन प्रक्रिया में इन कानूनों के व्यावहारिक उपयोग पर विस्तार से प्रशिक्षण दिया गया।
मुख्य वक्ता आर.के. विज ने कहा कि नए आपराधिक कानूनों का उद्देश्य न्याय व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, तकनीक आधारित, पीडि़त-केंद्रित और समयबद्ध बनाना है। इसके लिए पुलिस अधिकारियों का नवीन कानूनों में दक्ष और अद्यतन होना अत्यंत आवश्यक है।
पुलिस अधीक्षक सूरज सिंह परिहार ने कहा कि बदलते विधिक परिदृश्य में पुलिस बल का निरंतर प्रशिक्षण और क्षमता विकास समय की मांग है। उन्होंने कहा कि गुणवत्तापूर्ण विवेचना, वैज्ञानिक साक्ष्यों का प्रभावी उपयोग और मजबूत अभियोजन ही अपराधियों को शीघ्र सजा दिलाने तथा पीडि़तों को त्वरित न्याय दिलाने का आधार है। इसी उद्देश्य से धमतरी पुलिस लगातार प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित कर रही है।
कार्यशाला में जिले के सभी थाना एवं चौकी प्रभारियों, विवेचना अधिकारियों, उप निरीक्षकों, सहायक उप निरीक्षकों, प्रधान आरक्षकों, वरिष्ठ आरक्षकों, सीसीटीएनएस ऑपरेटरों तथा प्रशिक्षु उप निरीक्षकों सहित विभिन्न शाखाओं के करीब 250 पुलिस अधिकारी एवं कर्मचारी शामिल हुए। प्रशिक्षण के दौरान प्रकरण आधारित उदाहरणों के माध्यम से डिजिटल साक्ष्य, गिरफ्तारी, तलाशी, जब्ती, विवेचना और अभियोजन से जुड़े व्यवहारिक पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की गई तथा प्रतिभागियों की जिज्ञासाओं का समाधान भी किया गया।
इस अवसर पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शैलेन्द्र कुमार पांडेय, नगर पुलिस अधीक्षक अभिषेक चतुर्वेदी, उप पुलिस अधीक्षक भानूप्रताप चंद्राकर, मोनिका मरावी, मीना साहू, यशकरण दीप ध्रुव, एसडीओपी नगरी विपिन रंगारी, वैज्ञानिक अधिकारी अमित कुमार पटेल, डीपीओ अजय सिंह, रक्षित निरीक्षक दीपक शर्मा सहित जिले के सभी थाना-चौकी प्रभारी एवं अन्य अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।
धमतरी पुलिस ने बताया कि इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रमों का उद्देश्य पुलिस बल को नए आपराधिक कानूनों के अनुरूप दक्ष बनाना, वैज्ञानिक एवं तकनीकी साक्ष्यों पर आधारित गुणवत्तापूर्ण विवेचना को बढ़ावा देना, अभियोजन को मजबूत करना तथा आम नागरिकों को त्वरित, निष्पक्ष और प्रभावी न्याय उपलब्ध कराना है।
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