रायपुर, 11 जुलाईं (आरएनएस)। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय- ने कहा है कि प्रधानमंत्री -नरेंद्र मोदी- के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में रेलवे विकास को अभूतपूर्व गति मिली है। रिकॉर्ड बजटीय निवेश, नई रेल लाइनों, दोहरीकरण, आधुनिक स्टेशनों और शत-प्रतिशत विद्युतीकरण जैसी परियोजनाओं के माध्यम से प्रदेश देश के नए -रेल एवं लॉजिस्टिक्स हब- के रूप में उभर रहा है। वर्तमान में राज्य में -51 हजार करोड़ रुपये से अधिक- की रेल परियोजनाओं पर कार्य चल रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष -2014 से पहले- छत्तीसगढ़ को रेलवे परियोजनाओं के लिए औसतन -300 करोड़ रुपये- का वार्षिक बजट मिलता था, जो अब -2026-27 में बढ़कर 7,470 करोड़ रुपये- हो गया है। यानी एक दशक में रेलवे बजट में -करीब 24 गुना वृद्धि- हुई है। उन्होंने इसे केंद्र सरकार की विकास प्राथमिकताओं और छत्तीसगढ़ की बढ़ती आर्थिक क्षमता का प्रमाण बताया।
उन्होंने कहा कि मजबूत रेल नेटवर्क से उद्योगों की परिवहन लागत कम होगी, निवेश को बढ़ावा मिलेगा, किसानों को बेहतर बाजार मिलेंगे और युवाओं के लिए रोजगार एवं उद्यमिता के नए अवसर पैदा होंगे। साथ ही बस्तर, सरगुजा, जशपुर जैसे दूरस्थ क्षेत्रों तक रेल पहुंचने से विकास का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचेगा।
प्रदेश में तेजी से बढ़ रहा रेल नेटवर्क-
मुख्यमंत्री के अनुसार, वर्ष 1853 से 2014 तक लगभग -1,100 रूट किलोमीटर- रेल नेटवर्क विकसित हुआ था, जबकि अब इसे बढ़ाकर -2,200 रूट किलोमीटर से अधिक- करने की दिशा में कार्य जारी है। करीब -1,200 किलोमीटर नई रेल लाइन-, मल्टी-ट्रैकिंग, आधुनिक सिग्नलिंग और शत-प्रतिशत रेल विद्युतीकरण पर तेजी से काम हो रहा है।
रावघाट और खरसिया-नवा रायपुर रेल कॉरिडोर को मिलेगी नई गति-
बस्तर क्षेत्र की -रावघाट रेल परियोजना- के तहत दल्लीराजहरा से अंतागढ़ तक 77 किलोमीटर रेलखंड पर यात्री सेवा शुरू हो चुकी है। वहीं, -खरसिया-नवा रायपुर-परमालकसा रेल कॉरिडोर- को -8,741 करोड़ रुपये- की स्वीकृति मिली है। 278 किलोमीटर लंबा यह कॉरिडोर कोलकाता-मुंबई रेल मार्ग का प्रभावी विकल्प बनेगा और लॉजिस्टिक्स लागत में प्रतिवर्ष करीब -2,520 करोड़ रुपये- की कमी आने का अनुमान है।
इसके अलावा -डोंगरगढ़-कवर्धा-कटघोरा-, -कोरबा-अंबिकापुर-, -गढ़चिरौली-बीजापुर-बचेली-, -रावघाट-जगदलपुर-, -अंबिकापुर-बरवाडीह-, -धरमजयगढ़-पत्थलगांव-लोहरदगा-, -गेवरा-पेंड्रा-, -खरसिया-धरमजयगढ़- तथा -बिलासपुर-झारसुगुड़ा चौथी रेल लाइन- जैसी परियोजनाओं पर भी कार्य प्रगति पर है।
32 स्टेशनों का होगा आधुनिकीकरण-
राज्य में -अमृत भारत स्टेशन योजना- के तहत -32 रेलवे स्टेशनों- का लगभग -1,680 करोड़ रुपये- की लागत से पुनर्विकास किया जा रहा है। इसके साथ ही वंदे भारत एक्सप्रेस, अमृत भारत एक्सप्रेस और मेमू सेवाओं का भी विस्तार किया जा रहा है।
ऊर्जा और माल परिवहन को मिलेगा बढ़ावा-
ऊर्जा क्षेत्र को मजबूत करने के लिए -चांपा-कोरबा तीसरी रेल लाइन- परियोजना को -755 करोड़ रुपये- की स्वीकृति मिली है। वहीं रायपुर में -250 इलेक्ट्रिक लोकोमोटिव- के लिए अतिरिक्त होमिंग सुविधा विकसित करने हेतु -175 करोड़ रुपये- की परियोजना को भी मंजूरी दी गई है।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने विश्वास जताया कि रेलवे क्षेत्र में हो रहा यह रिकॉर्ड निवेश आने वाले वर्षों में छत्तीसगढ़ को औद्योगिक विकास, निवेश, रोजगार, व्यापार और आधुनिक अधोसंरचना के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएगा तथा विकसित भारत-2047 के लक्ष्य की दिशा में राज्य की भूमिका और मजबूत करेगा।
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