आजमगढ़ ,11 जुलाई (आरएनएस ) । जिले के जीयनपुर कोतवाली क्षेत्र के नूरुद्दीनपुर गांव में शनिवार को उस समय अफरा-तफरी का माहौल बन गया, जब एक युवती न्याय की मांग को लेकर गांव स्थित टेलीफोन एक्सचेंज के खंभे पर चढ़ गई। करीब दो घंटे तक चले इस घटनाक्रम के दौरान गांव सहित आसपास के क्षेत्रों के लोगों की भारी भीड़ मौके पर जमा हो गई। सूचना मिलने पर पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची और काफी देर तक समझाने-बुझाने, संवाद स्थापित करने तथा उचित कार्रवाई का भरोसा दिलाने के बाद युवती को सुरक्षित नीचे उतार लिया। इस घटना को लेकर पूरे क्षेत्र में दिनभर चर्चा का माहौल बना रहा।जानकारी के अनुसार जीयनपुर कोतवाली क्षेत्र के नूरुद्दीनपुर गांव निवासी 32 वर्षीय मंजू पुत्री फूलचंद शनिवार सुबह करीब 11:50 बजे गांव में स्थित टेलीफोन एक्सचेंज के खंभे पर चढ़ गई। खंभे पर चढऩे के बाद उसने अपने मोबाइल फोन के माध्यम से लोगों से बातचीत की और अपनी मांग सार्वजनिक रूप से रखी। युवती का कहना था कि गांव के ही एक व्यक्ति, जिसे वह अपने पुत्र का पिता बता रही थी, उसके घर में उसे रहने दिया जाए और उसे न्याय दिलाया जाए। युवती की इस मांग ने मौके पर मौजूद लोगों का ध्यान अपनी ओर आकर्षित कर लिया।देखते ही देखते गांव में यह खबर फैल गई कि एक महिला बिजली अथवा टेलीफोन के ऊंचे खंभे पर चढ़ गई है। कुछ ही देर में बड़ी संख्या में ग्रामीण घटनास्थल पर पहुंच गए। लोगों ने युवती को नीचे उतरने के लिए आवाज लगाई, लेकिन वह अपनी मांगों पर अड़ी रही। ग्रामीणों ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए तत्काल इसकी सूचना जीयनपुर कोतवाली पुलिस को दी।सूचना मिलते ही जीयनपुर कोतवाली से महिला उपनिरीक्षक लक्ष्मी शुक्ला तथा उपनिरीक्षक संतोष सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने सबसे पहले घटनास्थल पर सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित कराई ताकि किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना न हो। आसपास मौजूद लोगों को खंभे से सुरक्षित दूरी बनाए रखने के निर्देश दिए गए। पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के साथ-साथ युवती से संवाद स्थापित करने का प्रयास शुरू किया।चूंकि युवती के पास मोबाइल फोन था, इसलिए पुलिस अधिकारियों ने उसी के माध्यम से उससे बातचीत की। महिला उपनिरीक्षक ने धैर्यपूर्वक उसकी पूरी बात सुनी और उसे भरोसा दिलाया कि उसकी शिकायत को गंभीरता से लिया जाएगा तथा नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। पुलिस अधिकारियों ने युवती से बार-बार अपील की कि वह अपनी जान जोखिम में न डाले और सुरक्षित नीचे उतर आए।करीब दो घंटे तक पुलिस और युवती के बीच बातचीत का सिलसिला चलता रहा। इस दौरान पुलिस अधिकारियों ने लगातार संयम और धैर्य का परिचय दिया। ग्रामीण भी युवती को समझाने का प्रयास करते रहे। आखिरकार पुलिस के आश्वासन और समझाइश के बाद दोपहर लगभग 1:50 बजे युवती खंभे से नीचे उतरने के लिए तैयार हो गई। पुलिसकर्मियों ने पूरी सावधानी के साथ उसे सुरक्षित नीचे उतारा।युवती के नीचे उतरने के बाद पुलिस ने उससे अलग से बातचीत की और उसकी शिकायत के संबंध में विस्तृत जानकारी ली। अधिकारियों ने उसे विश्वास दिलाया कि उसकी ओर से प्रस्तुत तथ्यों की जांच कर नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया कि किसी भी विवाद का समाधान कानून के दायरे में रहकर ही किया जाएगा।प्रारंभिक जानकारी के अनुसार यह मामला नया नहीं है, बल्कि कई वर्षों से चला आ रहा विवाद है। बताया जाता है कि वर्ष 2021 में इसी युवती ने जीयनपुर कोतवाली में गांव के ही अनुग्रह सिंह के खिलाफ शादी का झांसा देकर दुष्कर्म करने का आरोप लगाते हुए मुकदमा दर्ज कराया था। उस समय मामला काफी चर्चाओं में रहा था और पुलिस ने शिकायत के आधार पर विधिक कार्रवाई शुरू की थी।बाद में यह मामला न्यायालय पहुंचा, जहां दोनों पक्षों के बीच समझौता होने की बात सामने आई। समझौते के बाद न्यायालय की प्रक्रिया आगे बढ़ी और मामला अपने कानूनी स्तर पर निस्तारित होने की दिशा में चला गया। हालांकि, शनिवार को हुई घटना से यह संकेत मिला कि विवाद पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ था। युवती का आरोप है कि संबंधित व्यक्ति उसके पुत्र का पिता है और वह उसी के घर में रहने की मांग कर रही थी। इसी मांग को लेकर उसने विरोध का यह तरीका अपनाया।हालांकि पुलिस अधिकारियों का कहना है कि किसी भी प्रकार के व्यक्तिगत या पारिवारिक विवाद का समाधान इस प्रकार अपनी जान जोखिम में डालकर नहीं किया जा सकता। पुलिस ने स्पष्ट किया कि शिकायत मिलने पर नियमानुसार जांच और आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही युवती को भी कानून का पालन करने और किसी भी प्रकार का आत्मघाती कदम न उठाने की सलाह दी गई।घटना के दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर मौजूद रहे। लोग पूरे घटनाक्रम को देखते रहे और पुलिस की कार्रवाई पर नजर बनाए रहे। कई लोगों ने अपने मोबाइल फोन से वीडियो भी बनाए, जो बाद में सोशल मीडिया पर वायरल होने लगे। स्थानीय लोगों का कहना था कि इस तरह की घटना गांव में पहली बार देखने को मिली, जिसके कारण काफी देर तक लोगों की भीड़ बनी रही।पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती युवती को बिना किसी नुकसान के सुरक्षित नीचे उतारना था। अधिकारियों ने जल्दबाजी करने के बजाय संवाद का रास्ता अपनाया। लगातार बातचीत, धैर्य और समझाइश का परिणाम रहा कि युवती ने स्वयं नीचे उतरने का निर्णय लिया। इससे किसी भी संभावित हादसे को टाल दिया गया।पुलिस अधिकारियों ने बताया कि घटनास्थल पर पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया गया था। सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर भीड़ को नियंत्रित रखा गया और किसी को भी खंभे के पास जाने की अनुमति नहीं दी गई। पूरी कार्रवाई के दौरान पुलिस सतर्क रही ताकि किसी प्रकार की अप्रिय स्थिति उत्पन्न न हो।विशेषज्ञों का मानना है कि पारिवारिक और सामाजिक विवादों में कई बार लोग भावनात्मक दबाव में आकर इस प्रकार के कदम उठा लेते हैं। ऐसे मामलों में समय रहते संवाद, कानूनी परामर्श और सामाजिक सहयोग महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। पुलिस द्वारा धैर्यपूर्वक बातचीत कर युवती को सुरक्षित नीचे उतारना इसी दिशा में एक सकारात्मक प्रयास माना जा रहा है।इस घटना ने एक बार फिर यह प्रश्न खड़ा किया है कि लंबे समय से चले आ रहे व्यक्तिगत विवादों का समाधान समय पर और प्रभावी ढंग से होना कितना आवश्यक है। यदि संबंधित पक्षों के बीच विवाद पूरी तरह समाप्त नहीं होता, तो कभी-कभी परिस्थितियां इस प्रकार की सार्वजनिक घटनाओं का रूप ले लेती हैं, जिससे न केवल संबंधित परिवार बल्कि पूरे क्षेत्र का माहौल प्रभावित होता है।फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि युवती की शिकायत और उसके दावों की विधिक प्रक्रिया के अनुसार समीक्षा की जाएगी। यदि जांच में कोई तथ्य सामने आते हैं तो कानून के अनुरूप आगे की कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।शनिवार को हुई इस घटना के बाद नूरुद्दीनपुर गांव और आसपास के इलाकों में दिनभर इसी विषय पर चर्चा होती रही। लोगों के बीच यह घटनाक्रम कौतूहल का विषय बना रहा। हालांकि राहत की बात यह रही कि पुलिस की सूझबूझ, धैर्य और समय रहते की गई कार्रवाई के कारण युवती को सुरक्षित नीचे उतार लिया गया और किसी प्रकार की जनहानि अथवा अप्रिय घटना नहीं हुई।पुलिस ने लोगों से भी अपील की है कि यदि किसी व्यक्ति को किसी प्रकार की कानूनी या सामाजिक समस्या हो तो वह संबंधित विभाग अथवा पुलिस से संपर्क करे। कानून व्यवस्था बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है और किसी भी विवाद का समाधान संवैधानिक एवं कानूनी प्रक्रिया के माध्यम से ही किया जाना चाहिए। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है तथा संबंधित पक्षों से पूछताछ कर आगे की आवश्यक कार्रवाई कर रही है।
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