श्रीगंगानगर ,11 जुलाई(आरएनएस)। 13 वर्षीय नाबालिग बालिका से जुड़े बहुचर्चित मामले में पुलिस जांच लगातार आगे बढ़ रही है. मामले में अब तक 21 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि कई अन्य लोगों की भूमिका भी जांच के दायरे में है. पुलिस द्वारा जुटाए गए तकनीकी साक्ष्य, मोबाइल रिकॉर्ड और डिजिटल दस्तावेजों के आधार पर कार्रवाई की जा रही है.
घटना के सामने आने के बाद पूरे शहर में आक्रोश का माहौल है और विभिन्न सामाजिक संगठनों ने पीडि़ता को न्याय दिलाने तथा दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग उठाई है. वहीं, राजस्थान महिला आयोग की पूर्व अध्यक्ष रेहाना रेयाज ने घटना को मानवता को शर्मसार करने वाला बताते हुए कहा कि दोषियों को ऐसी सजा मिलनी चाहिए जो समाज के लिए नजीर बने.
जिला पुलिस अधीक्षक हरिशंकर यादव के अनुसार, 18 जून को घर से निकली नाबालिग बालिका के लापता होने पर उसकी मां ने सदर थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज करवाई थी. इसके बाद पुलिस ने मोबाइल लोकेशन, सीसीटीवी फुटेज और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर बालिका को सुरक्षित बरामद किया. जांच के दौरान सामने आए तथ्यों के आधार पर पुलिस ने मामले की गहन पड़ताल शुरू की और डिजिटल रिकॉर्ड, मोबाइल फोन तथा संबंधित स्थानों के दस्तावेजों की जांच की.
जिला पुलिस अधीक्षक हरिशंकर यादव ने कहा कि जांच में कई लोगों की संलिप्तता सामने आने के बाद लगातार कार्रवाई करते हुए 21 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया. मोबाइल चैट, कॉल डिटेल और अन्य डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर कई अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है. हरिशंकर यादव ने कहा कि जांच पूरी गंभीरता के साथ आगे बढ़ रही है और मामले में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा. उन्होंने बताया कि और भी कई संदिग्धों की भूमिका की जांच जारी है और आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियां हो सकती हैं.
वहीं, इस मामले में राजस्थान महिला आयोग की पूर्व अध्यक्ष रेहाना रेयाज ने घटना को मानवता को शर्मसार करने वाला बताते हुए तीखी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा कि एक मासूम बच्ची के साथ हुई यह घटना बेहद शर्मनाक और हृदयविदारक है. यह अपराध पूरे समाज को पीड़ा पहुंचाता है. रेहाना रेयाज ने जिला पुलिस अधीक्षक से मुलाकात कर मामले की जानकारी ली. उन्होंने मांग की कि दोषियों को ऐसी सजा दी जाए जो समाज के लिए नजीर बने. साथ ही उन्होंने उन स्थानों की भी गहन जांच की मांग की जहां ऐसी गतिविधियां संचालित होती हैं. शहर में जारी आक्रोश के बीच प्रशासन और पुलिस अलर्ट पर है. पीडि़ता को सुरक्षा और मानसिक सहायता प्रदान की जा रही है. मामले की जांच अभी जारी है और आगे और महत्वपूर्ण खुलासे होने की संभावना है.
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