श्रीनगर 12 Jully (rns)- जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग जिले में रात महज 60 मिनट के भीतर बादल फटने की दो घटनाओं ने व्यापक तबाही मचा दी। पहलगाम और शांगस (शंगुस) क्षेत्र में अचानक आई बाढ़ से होटल, रिसॉर्ट, घर और खेत पानी व मलबे की चपेट में आ गए। कई स्थानों पर भूस्खलन भी हुआ, जिससे यातायात प्रभावित हुआ और पर्यटन गतिविधियों पर भी असर पड़ा। हालांकि राहत की बात यह है कि अब तक किसी जनहानि की सूचना नहीं मिली है।
पहली घटना शंगुस के चटरगुल के ऊपरी पर्वतीय क्षेत्र में हुई, जहां बादल फटने के बाद आरिपथ नाले का जलस्तर तेजी से बढ़ गया। पहाड़ों से आए तेज बहाव के साथ भारी मात्रा में कीचड़, चट्टानें और पेड़ों का मलबा नीचे बस्तियों और खेतों तक पहुंच गया। इससे सेब के बागों और अन्य फसलों को भारी नुकसान हुआ। स्थानीय लोगों के अनुसार कुछ ही मिनटों में पूरा इलाका बाढ़ की चपेट में आ गया।
इसके लगभग एक घंटे के भीतर दूसरी घटना पहलगाम स्थित ओवेरा वन्यजीव अभयारण्य क्षेत्र में हुई। यहां ओवेरा नाले में अचानक आई बाढ़ का पानी आधा दर्जन से अधिक होटलों, रिसॉर्ट्स और स्थानीय लोगों के घरों में घुस गया। अचानक आए सैलाब से पर्यटकों और स्थानीय निवासियों में अफरा-तफरी मच गई।
घटना के बाद जिला प्रशासन ने राहत एवं बचाव अभियान तेज कर दिया। प्रभावित क्षेत्रों में आपदा राहत दल, पुलिस और अन्य एजेंसियों की टीमें तैनात कर दी गई हैं। कई स्थानों पर जमा मलबा हटाने का कार्य जारी है, जबकि बाढ़ग्रस्त इलाकों से पर्यटकों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है।
मौसम विभाग ने अगले 24 घंटे के दौरान कश्मीर के कई हिस्सों में भारी बारिश की संभावना जताते हुए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। प्रशासन ने पर्यटकों और स्थानीय नागरिकों से आरिपथ व ओवेरा नालों सहित सभी जलस्रोतों से दूर रहने, अनावश्यक यात्रा से बचने तथा खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की है।
प्रशासन प्रभावित क्षेत्रों में नुकसान का आकलन करने के साथ-साथ राहत कार्यों की लगातार निगरानी कर रहा है।

