नईदिल्ली,12 जुलाई(आरएनएस)। राजधानी दिल्ली में रंगदारी के एक बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश करते हुए रोहिणी जिला पुलिस ने लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़े तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है. पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपी विदेश में बैठे कुख्यात गैंगस्टर अनिल पंडित के निर्देश पर कारोबारियों की रेकी कर रंगदारी वसूलने की साजिश रच रहे थे. आरोपियों के कब्जे से तीन पिस्टल, 26 जिंदा कारतूस और कई मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं.
पुलिस के मुताबिक, 6 मार्च 2026 को दिल्ली के एक मोबाइल शॉप मालिक को फोन कर 1 करोड़ रुपये की रंगदारी मांगी गई थी. रकम नहीं देने पर जान से मारने की धमकी दी गई. इसके बाद जून में दोबारा धमकी भरा कॉल आया, जिसमें हैरी बॉक्सर का नाम लेते हुए रंगदारी की रकम बढ़ाकर 5 करोड़ रुपये कर दी गई. मामला तब और गंभीर हो गया जब 4 जुलाई को पीडि़त के घर की तस्वीरें और वीडियो भेजकर 24 घंटे के भीतर हत्या की धमकी दी गई.
धमकी मिलने के बाद रोहिणी पुलिस ने तकनीकी सर्विलांस और सीसीटीवी फुटेज की मदद से जांच शुरू की. 50 से अधिक संदिग्ध वाहनों की जांच के बाद पुलिस शिव गोविंद तक पहुंची. पूछताछ में खुलासा हुआ कि रेकी का निर्देश अभिनव सिंह ने दिया था. इसके बाद अभिनव सिंह और आजमगढ़ निवासी विवेक यादव को भी गिरफ्तार कर लिया गया.
पुलिस जांच में सामने आया कि शिव गोविंद पहले से दुष्कर्म के एक मामले में आरोपी रह चुका है. वहीं, अभिनव सिंह वर्ष 2024 के चर्चित नादिर शाह हत्याकांड में भी आरोपी है. पुलिस के अनुसार अभिनव गैंग के लिए लॉजिस्टिक सपोर्ट, होटल में ठहराने और टारगेट की रेकी कराने का काम करता था.
आरोपियों के मोबाइल फोन की जांच में करोल बाग के एक ज्वेलर, उत्तर-पूर्वी दिल्ली के एक व्यक्ति और चंडीगढ़ के एक संभावित टारगेट की रेकी से जुड़ा डेटा भी बरामद हुआ है. इससे संकेत मिलते हैं कि गैंग कई बड़े कारोबारियों को निशाना बनाने की तैयारी कर रहा था.
रोहिणी के डीसीपी शशांक जायसवाल ने इस कामयाबी पर बताया कि गिरफ्तार किए गए तीनों आरोपी आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल कर रहे थे. यह तीनों इंटरनेट कॉलिंग और सोशल मीडिया ऐप्स के जरिए हर रोज विदेश में बैठे गैंगस्टर अनिल पंडित के सीधे संपर्क में रहते थे. अनिल पंडित ही इन्हें बताता था कि किस व्यापारी से कितनी रकम मांगनी है और किसे डराना है.
पुलिस के अनुसार, इस गैंग का नेटवर्क विदेश में बैठे अनिल पंडित और हैरी बॉक्सर से शुरू होकर अभिनव सिंह तक आता था, जिसके बाद अभिनव इस काम को शिव गोविंद और विवेक यादव से पूरा करवाता था. दिल्ली पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क को जड़ से खत्म करने के लिए गैंग के अन्य मददगारों की तलाश में लगातार छापेमारी कर रही है.
००
अपनी भाषा में समाचार चुनने की स्वतंत्रता | देश की श्रेष्ठतम समाचार एजेंसी

