नई दिल्ली ,13 जुलाई (आरएनएस)। भाजपा सांसद डॉ. सुधांशु त्रिवेदी*ने 26/11 मुंबई हमलों को लेकर कांग्रेस और यूपीए सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि अगर अजमल आमिर कसाब जिंदा नहीं पकड़ा जाता तो “हिंदू आतंक” की थ्योरी स्थापित करने की पूरी साजिश रची गई थी। डॉ. त्रिवेदी ने यूपीए सरकार के दौरान गृह मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी रहे आर.वी.एस. मणि के एक इंटरव्यू का हवाला देते हुए कहा कि “एक वरिष्ठ अधिकारी ने एक एजेंसी को दिए इंटरव्यू में कहा है कि 26 नवंबर 2008 को हमला करने वाले सभी आतंकियों के पास फर्जी हिंदू पहचान पत्र थे। उनके दाहिने हाथ पर कलावा भी बंधा हुआ था। अगर शहीद तुकाराम ओम्बले अपने जीवन का बलिदान देकर कसाब को जिंदा नहीं पकड़ते, तो इन फर्जी पहचान पत्रों के आधार पर ‘हिंदू आतंक’ का पूरा सिद्धांत स्थापित कर दिया जाता। उन्होंने आगे कहा कि आर.वी.एस. मणि ने इसे “आईएसआई और कांग्रेस के बीच फिक्स मैच” बताया है। डॉ. त्रिवेदी ने कहा कि “पाकिस्तान की कुख्यात खुफिया एजेंसी आईएसआई और इंडियन नेशनल कांग्रेस के बीच जो बात उन्होंने कही है, वह सिर्फ आरोप नहीं है। इसके पीछे ठोस सबूत भी हैं। ऐसे में कांग्रेस पार्टी का जवाब देना जरूरी है। बीजेपी सांसद ने कहा कि आज की पीढ़ी को शायद यह जानकारी नहीं है कि 26/11 के हमलावरों के पास जानबूझकर हिंदू नाम वाले फर्जी आईडी कार्ड रखे गए थे ताकि हमले के बाद एक खास नैरेटिव बनाया जा सके। उन्होंने तुकाराम ओम्बले के बलिदान की सराहना करते हुए कहा कि उनकी वजह से ही साजिश नाकाम हुई। डॉ. त्रिवेदी ने मांग की कि कांग्रेस को इस मुद्दे पर देश के सामने स्पष्ट जवाब देना चाहिए। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा जैसे संवेदनशील विषयों पर राजनीति करना देश के हितों के खिलाफ है। 26/11 मुंबई हमलों में 166 लोगों की मौत हुई थी और कसाब एकमात्र हमलावर था जिसे जिंदा पकड़ा गया था। बाद में उसे फांसी दी गई थी।
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