० Óऑपरेशन क्लीन हंटÓ के तहत बड़ी कार्रवाई, करीब 9 लाख रुपये की मोटरसाइकिलें जब्त, रायगढ़, कोरबा, सक्ती और ओडिशा तक फैला था गिरोह का नेटवर्क
रायगढ़. 14 जुलाई (आरएनएस)। रायगढ़ पुलिस ने ‘ऑपरेशन क्लीन हंटÓ के तहत बड़ी सफलता हासिल करते हुए अंतरजिला वाहन चोर गिरोह का पर्दाफाश किया है। थाना चक्रधरनगर पुलिस ने करीब 9 लाख रुपये कीमत की 21 चोरी की मोटरसाइकिलें बरामद कर पांच शातिर वाहन चोरों को गिरफ्तार किया है। गिरोह का नेटवर्क रायगढ़, कोरबा, सक्ती और पड़ोसी राज्य ओडिशा तक फैला हुआ था। मामले में दो अन्य आरोपी फरार हैं, जिनकी तलाश के लिए पुलिस लगातार दबिश दे रही है।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के निर्देशन तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनिल सोनी एवं नगर पुलिस अधीक्षक मयंक मिश्रा के मार्गदर्शन में संपत्ति संबंधी अपराधों पर प्रभावी कार्रवाई के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत थाना चक्रधरनगर पुलिस ने वाहन चोरी के संगठित गिरोह तक पहुंचने में सफलता हासिल की।
शिकायत से खुला पूरे गिरोह का राज
मामले की शुरुआत कमला नेहरू गार्डन के सामने से चोरी हुई हीरो स्प्लेंडर मोटरसाइकिल (ष्टत्र-11-्ररू-7998) की शिकायत से हुई। पेंड्रावन (जिला सारंगढ़-बिलाईगढ़) निवासी घनाउ खरे ने बताया कि 27 दिसंबर 2025 को वह अपनी बाइक पार्क कर गार्डन गया था, लेकिन लौटने पर वाहन गायब मिला। इस पर थाना चक्रधरनगर में अपराध दर्ज कर जांच शुरू की गई।
जांच के दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि दो युवक मेडिकल कॉलेज रोड पर चोरी की मोटरसाइकिल बेचने के लिए ग्राहक तलाश रहे हैं। पुलिस ने तत्काल घेराबंदी कर दोनों को पकड़ लिया। पूछताछ में उनकी पहचान अनिल मिश्रा और अमृत बहादुर के रूप में हुई। दोनों की निशानदेही पर पुलिस ने उनके अन्य साथियों बोलो निषाद, चंद्रकुमार तिवारी और चंदन राय को भी गिरफ्तार कर लिया।
21 चोरी की बाइक बरामद
गिरफ्तार आरोपियों से अलग-अलग पूछताछ के बाद पुलिस ने उनके कब्जे और निशानदेही पर कुल 21 चोरी की मोटरसाइकिलें बरामद कीं। इनमें अनिल मिश्रा के पास से 10, अमृत बहादुर के पास से 2, बोलो निषाद के पास से 5 और चंद्रकुमार तिवारी के पास से 4 बाइक बरामद हुईं। सभी वाहनों की अनुमानित कीमत करीब 9 लाख रुपये आंकी गई है।
रायगढ़ से लेकर ओडिशा तक चोरी करते थे वाहन
पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे संगठित गिरोह बनाकर रायगढ़, कोरबा, सक्ती जिले के डभरा और मालखरौदा क्षेत्र तथा ओडिशा के बरगढ़ सहित सीमावर्ती इलाकों से मोटरसाइकिल चोरी करते थे। चोरी के बाद वाहन अलग-अलग स्थानों पर छिपाकर रखते और बाद में उन्हें बेच देते थे।
पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि गिरोह भीड़भाड़ वाले स्थानों, विशेषकर पार्क और बाजार क्षेत्रों की रेकी कर हीरो स्प्लेंडर और एचएफ डीलक्स जैसी मोटरसाइकिलों को निशाना बनाता था। आरोपी लॉक तोड़कर वाहन चोरी करते और बाद में उन्हें दूसरे जिलों व राज्यों में खपाने का काम करते थे।
संगठित अपराध की धाराएं भी जोड़ी गईं
जांच में वाहन चोरी का संगठित नेटवर्क सामने आने के बाद पुलिस ने मामले में भारतीय न्याय संहिता (क्चहृस्) की धारा 303(2), 112(2) और 3(5) के तहत अपराध दर्ज किया है।
गिरफ्तार आरोपियों में अनिल मिश्रा (38), बोलो निषाद (38), अमृत बहादुर (37), चंद्रकुमार तिवारी (37) और चंदन राय (24) शामिल हैं। सभी आरोपियों को न्यायालय में पेश कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है।
पुलिस के अनुसार आरोपी अनिल मिश्रा और चंदन राय का पूर्व आपराधिक रिकॉर्ड भी है। चंदन राय वर्ष 2015 से वाहन चोरी की घटनाओं में संलिप्त रहा है, जबकि अनिल मिश्रा के खिलाफ भी बाइक चोरी के कई मामले दर्ज हैं।
एसएसपी शशि मोहन सिंह ने कहा कि वाहन चोरी जैसे संगठित अपराधों में शामिल गिरोहों के खिलाफ रायगढ़ पुलिस का अभियान लगातार जारी रहेगा। चोरी की संपत्ति बरामद कर अपराधियों को कानून के कठघरे तक पहुंचाना पुलिस की प्राथमिकता है।
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