0 डोंगरगढ़ निवासी आरोपी न्यायिक रिमांड पर भेजा गया जेल, साइबर ठगी की रकम बैंक खातों के जरिए करता था ट्रांसफर
राजनांदगांव, 14 जुलाई (आरएनएस)। साइबर अपराधों पर लगातार कार्रवाई करते हुए राजनांदगांव पुलिस ने साइबर ठगी में इस्तेमाल किए जा रहे म्यूल अकाउंट मामले में एक और आरोपी को गिरफ्तार किया है। थाना सिटी कोतवाली पुलिस और सीएसपी स्क्वॉड की संयुक्त कार्रवाई में डोंगरगढ़ निवासी आशुतोष चौधरी (24 वर्ष) को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।
पुलिस अधीक्षक अंकिता शर्मा के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कीर्तन राठौर तथा नगर पुलिस अधीक्षक अलेक्जेंडर किरो के मार्गदर्शन में साइबर अपराधों में प्रयुक्त म्यूल बैंक खातों की पहचान कर आरोपियों के खिलाफ विशेष अभियान चलाया जा रहा है।
गृह मंत्रालय के पोर्टल से मिली थी जानकारी
पुलिस के अनुसार भारत सरकार के गृह मंत्रालय के अधीन भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (I4C) के समन्वय पोर्टल से प्राप्त जानकारी के आधार पर ऐसे बैंक खातों की पहचान की गई, जिनका उपयोग साइबर ठगी से प्राप्त धनराशि को प्राप्त करने, स्थानांतरित करने और छिपाने के लिए किया जा रहा था।जांच में पाया गया कि आरोपी और उसके सहयोगी यह जानते हुए भी कि बैंक खातों में आने वाली राशि साइबर धोखाधड़ी से अर्जित की गई है, उसका उपयोग और लेन-देन कर रहे थे। इस आधार पर थाना सिटी कोतवाली में भारतीय न्याय संहिता (क्चहृस्) की धारा 317(2), 317(4), 317(5) एवं 3(5) के तहत मामला दर्ज कर विवेचना शुरू की गई।
पहले भी छह आरोपी हो चुके हैं गिरफ्तार
पुलिस ने बताया कि इस प्रकरण में इससे पहले छह आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके विरुद्ध न्यायालय में चालान प्रस्तुत किया जा चुका है। विवेचना के दौरान मिले साक्ष्यों के आधार पर 13 जुलाई को आशुतोष चौधरी को गिरफ्तार किया गया। मामले में अन्य आरोपियों की तलाश और जांच अभी भी जारी है।
क्या होता है म्यूल अकाउंट?
पुलिस के अनुसार म्यूल अकाउंट ऐसा बैंक खाता होता है, जिसका इस्तेमाल साइबर अपराधी ठगी से हासिल रकम को छिपाने, ट्रांसफर करने या निकालने के लिए करते हैं। इसके लिए वे लोगों को कमीशन या अन्य लालच देकर उनके बैंक खाते, एटीएम कार्ड, चेकबुक या मोबाइल सिम का उपयोग करते हैं। कई बार खाता धारक अनजाने में भी इस अपराध का हिस्सा बन जाते हैं, जबकि कुछ लोग जानबूझकर अपराधियों की मदद करते हैं।
पुलिस की अपील
राजनांदगांव पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी अनजान व्यक्ति को अपना बैंक खाता, एटीएम कार्ड, चेकबुक, ओटीपी या मोबाइल सिम उपयोग के लिए न दें। कमीशन या आसान कमाई के लालच में बैंक खाता उपलब्ध कराना या किराए पर देना कानूनन अपराध है। ऐसे मामलों में खाता धारकों और साइबर अपराधियों की मदद करने वाले व्यक्तियों के खिलाफ भी कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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