नईदिल्ली ,14 जुलाई(आरएनएस)। होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाज पर हुए हमले के बाद भारत ने सख्त रुख अपनाया है। रिपोर्ट के मुताबिक, भारत ने अपना विरोध दर्ज करवाने के लिए ईरान के उप राजदूत को विदेश मंत्रालय में तलब किया है। एक तस्वीर भी सामने आई है, जिसमें भारत में ईरान के उप मिशन प्रमुख मोहम्मद जवाद हुसैनी और कुछ अन्य ईरानी राजनयिक विदेश मंत्रालय से बाहर निकलते हुए दिखाई दे रहे हैं।
विदेश मंत्रालय ने कहा, दोनों जहाजों पर कुल 30 भारतीय नाविक सवार थे। अल बहिया पर सवार 12 भारतीय नागरिकों में से एक की दुखद मौत हो गई और दूसरा घायल हो गया। मोंबासा पर 18 भारतीय नागरिकों में से 9 को चोटें आई हैं, जिनमें से 2 गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं। हम मृतक भारतीय नागरिक के परिवार के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करते हैं और घायलों के जल्द ठीक होने की कामना करते हैं।
ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य में 2 जहाजों पर हमला किया था। मोंबासा और अल बहिया नाम के ये दोनों जहाज संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के थे।
इन हमलों में अल बहिया पर तैनात एक भारतीय नाविक मारा गया था। वहीं, एक घायल हो गया था।
यूएई के रक्षा मंत्रालय ने बताया कि हमले के वक्त जहाज ओमान की समुद्री सीमा के अंदर जलडमरूमध्य के दक्षिणी शिपिंग लेन से गुजर रहे थे।
अमेरिका और ईरान में कुछ दिनों की शांति के बाद फिर युद्ध का दौर शुरू हो गया है। आज अमेरिका ने 5 घंटे तक ईरान के कम से कम 6 शहरों को निशाना बनाया है। इसके बाद ईरान ने भी जवाबी कार्रवाई में खाड़ी देशों में स्थिति अमेरिकी सैन्य अड्डों पर हमले किए हैं।
ताजा विवाद होर्मुज जलडमरूमध्य के नियंत्रण को लेकर है। डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि अमेरिका यहां से गुजरने वाले जहाजों से 20 प्रतिशत शुल्क वसूलेगा।
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