बस्ती 14 जुलाई (आरएनएस)। उत्तर प्रदेश प्रधानाचार्य परिषद ने मंगलवार को स्काउट भवन में बैठक कर लम्बित समस्याओं पर व्यापक चर्चा की। परिषद के सदस्यों ने तदर्थ प्रधानाचार्यो के स्थायीकरण के लिए हर संभव प्रयास का संकल्प दोहराया।
संरक्षक डा संजय सिंह, जिलाध्यक्ष योगेश शुक्ल व मंत्री डा हरेन्द्र प्रताप सिंह ने बताया कि शीर्ष नेतृत्व सांसद डा दिनेश शर्मा, शिक्षक विधायक ध्रुव कुमार त्रिपाठी, उमेश द्विवेदी व अवनीश सिंह सहित कई अन्य विधायकों के साथ माध्यमिक शिक्षा मंत्री को अवगत करा चुका है कि तदर्थ प्रधानाचार्यो के स्थायीकरण से सरकार पर कोई आर्थिक बोझ नहीं पडऩे वाला है। यह भी कहा कि इण्टरमीडिएट एजूकेशन एक्ट 1921के प्राविधानों और उच्च न्यायालय के कई आदेश के बावजूद कार्यरत प्रधानाचार्यों को पद का निर्धारित समान वेतन न दिया जाना भी अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। इसके लिए जल्द ही जिला विद्यालय निरीक्षक से वार्ता की जाएगी।
कार्यकारी अध्यक्ष आज्ञाराम चौधरी कोषाध्यक्ष विद्याधर वर्मा उपाध्यक्ष डा मनोज सिंह,डा के0डी0 द्विवेदी संजय कुमार द्विवेदी, धर्मेंद्र कुमार व मनोज कुमार सिंह ने कहा कि स्थायीकरण से कार्यरत प्रधानाचार्यों का मनोबल बढ़ेगा,जिससे विद्यालयों के पठन पाठन के साथ साथ सम्पूर्ण व्यवस्था में चतुर्दिक सुधार होगा। संयुक्त मंत्री डा प्रमोद उपाध्याय, संगठन मंत्री रामप्रीत यादव,सदस्य कार्यकारिणी डा अरुण मिश्र व कौशलेंद्र मिश्र, अरविन्द त्रिपाठी ने कहा कि कुछ उच्चाधिकारियों के नकारात्मक रवैये के कारण प्रधानाचार्यों की यह जायज मांग लम्बित है। सभी ने एकमत से तय किया कि विधायकों व अन्य जनप्रतिनिधियों के माध्यम से सरकार को तदर्थ प्रधानाचार्यो के स्थायीकरण के लिए सहमत किया जाय। बैठक में वीरेंद्र सिंह,सर्वेन्द्र नारायन द्विवेदी, विजय कुमार,राम सहाय,राम बचन,संतोष पाण्डेय,विनोद प्रकाश वर्मा,सुनील पाण्डेय, सुधीर कुमार,राम भवन, राकेश शर्मा, चन्द्रशेखर उपस्थित रहे।
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