इंफाल 15 Jully (Rns) । मणिपुर के सेनापति जिले में मंगलवार रात उस समय तनाव फैल गया, जब बड़ी संख्या में लोगों की भीड़ ने असम राइफल्स के कैंप पर हमला कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने कैंप पर पथराव किया, सुरक्षाबलों के वाहनों को नुकसान पहुंचाया और तीन गाड़ियों में आग लगा दी। सुरक्षा बलों ने आंसू गैस के गोले छोड़कर और सीमित बल प्रयोग कर देर रात तक स्थिति पर नियंत्रण पाया। घटना में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है।
रक्षा अधिकारियों के अनुसार, यह घटनाक्रम उस तलाशी अभियान के कुछ घंटों बाद हुआ, जिसे असम राइफल्स ने विश्वसनीय खुफिया सूचना के आधार पर सेनापति जिले के मकुइलोंगडी क्षेत्र में चलाया था। जानकारी मिली थी कि एनएससीएन (आईएम) के कुछ हथियारबंद कैडर निर्धारित शिविर से बाहर हथियार और वर्दी के साथ घूम रहे हैं, जो युद्धविराम समझौते के नियमों का उल्लंघन है।
तलाशी अभियान के दौरान सुरक्षा बलों के गांव पहुंचने पर कुछ स्थानीय लोगों ने उनका विरोध किया। इसके बाद देर शाम सूचना मिली कि बड़ी संख्या में लोग सेनापति शहर में एकत्र होकर असम राइफल्स कैंप की ओर बढ़ रहे हैं। रात करीब साढ़े नौ बजे भीड़ कैंप पहुंची और पथराव के साथ तोड़फोड़ शुरू कर दी।
हमले के दौरान एक वाहन को आग के हवाले कर दिया गया, जबकि दो ट्रकों को पलटकर क्षतिग्रस्त कर दिया गया। एक निजी कार और कैंप के बाहर बने प्रतीक्षालय में भी आग लगा दी गई। हालात बिगड़ने पर मणिपुर पुलिस और सीआरपीएफ की अतिरिक्त टुकड़ियां मौके पर भेजी गईं।
सुरक्षा बलों ने पुलिस के साथ मिलकर आंसू गैस के गोले छोड़े और खाली राउंड फायर कर भीड़ को तितर-बितर किया। इसके बाद देर रात तक स्थिति पर नियंत्रण स्थापित कर लिया गया।
रक्षा विभाग ने बताया कि पूरे मामले की जानकारी युद्धविराम निगरानी समूह (Ceasefire Monitoring Group) को भी दे दी गई है। प्रशासन ने कहा कि क्षेत्र में शांति और सामान्य स्थिति बनाए रखने के लिए स्थानीय प्रशासन, नागरिक समाज संगठनों और समुदाय के प्रतिनिधियों के साथ लगातार संवाद किया जा रहा है

