0-हत्या, अपहरण, मादक पदार्थ तस्करी समेत कई गंभीर मामलों में वांछित, जग्गू भगवानपुरिया गिरोह से जुड़े होने का आरोप
वाशिंगटन,15 जुलाई। अमेरिका ने अंतरराष्ट्रीय संगठित अपराध सिंडिकेट के खिलाफ अपनी कार्रवाई तेज करते हुए भारतीय मूल के 26 वर्षीय नीतीश कौशल को संघीय जांच ब्यूरो (एफबीआई) की मोस्ट वांटेड सूची में शामिल कर लिया है। एफबीआई ने उसे हथियारबंद, बेहद खतरनाक और फरार रहने वाला अपराधी बताते हुए आम लोगों से उसकी सूचना देने की अपील की है।
एफबीआई के अनुसार, नीतीश कौशल उर्फ लाला पर हत्या, अपहरण, मादक पदार्थों की तस्करी, जबरन वसूली, हथियारों की तस्करी, धन शोधन (मनी लॉन्ड्रिंग) और मानव तस्करी सहित कई गंभीर अपराधों में शामिल होने के आरोप हैं। एजेंसी का दावा है कि वह कुख्यात गैंगस्टर जग्गू भगवानपुरिया के संगठित अपराध गिरोह से जुड़ा हुआ है।
एफबीआई ने बताया कि कौशल को अंतरराष्ट्रीय आपराधिक संगठन का सदस्य होने के आरोप में वांछित घोषित किया गया है। जांच एजेंसी के अनुसार, उसने भगवानपुरिया गिरोह के लिए अपहरण, मारपीट और अन्य आपराधिक घटनाओं को अंजाम दिया है। यह गिरोह मूल रूप से पंजाब से संचालित हुआ और बाद में अमेरिका के कैलिफोर्निया के मध्य क्षेत्र सहित अन्य स्थानों तक अपना नेटवर्क फैलाने में सफल रहा।
एफबीआई के अनुसार, 25 जून 2026 को अमेरिका के रैकेटीयर प्रभावित एवं भ्रष्ट संगठन अधिनियम (रिको) के तहत आपराधिक साजिश का मामला दर्ज होने के बाद लॉस एंजिल्स स्थित अमेरिकी जिला न्यायालय ने नीतीश कौशल के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया था। उसकी गिरफ्तारी के लिए विभिन्न स्थानों पर लगातार छापेमारी की जा रही है।
एफबीआई ने आम नागरिकों से अपील की है कि यदि किसी के पास नीतीश कौशल के संबंध में कोई सूचना हो तो वह अपने निकटतम अमेरिकी दूतावास अथवा वाणिज्य दूतावास को इसकी जानकारी दे।
अमेरिकी प्रवर्तन एजेंसियां इन दिनों ऑपरेशन हार्ड बॉल नामक विशेष अभियान चला रही हैं। इस अभियान का उद्देश्य अमेरिका और भारत में सक्रिय अंतरराष्ट्रीय संगठित अपराध सिंडिकेट के नेटवर्क को ध्वस्त करना है।
एफबीआई के अनुसार, अभियान के तहत अब तक कैलिफोर्निया, इंडियाना, जॉर्जिया, कनाडा और स्पेन में 24 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
जांच एजेंसियों ने इस अभियान के दौरान तीन प्रमुख आपराधिक गिरोहों के खिलाफ कार्रवाई की है। इनमें लॉरेंस बिश्नोई गिरोह, उसका प्रतिद्वंद्वी जग्गू भगवानपुरिया गिरोह तथा रविंदर सिंह ढांडा उर्फ रैंडी, रोलेक्स और जॉन विक के नाम से पहचाना जाने वाला गिरोह शामिल है।
एफबीआई का दावा है कि जग्गू भगवानपुरिया फिलहाल भारत की एक जेल में बंद है। वह पहले लॉरेंस बिश्नोई का सहयोगी था, लेकिन बाद में दोनों के बीच दुश्मनी हो गई।
जांच एजेंसियों के अनुसार, भगवानपुरिया का अंतरराष्ट्रीय अपराध नेटवर्क अमेरिका, कनाडा, ब्रिटेन, यूरोप, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड तक फैला हुआ है। इस गिरोह पर हत्या, मादक पदार्थों की तस्करी, अपहरण, जबरन वसूली, हथियारों की तस्करी, झूठे मुकदमे दर्ज कराकर वसूली करने तथा अन्य संगठित अपराधों में शामिल होने के आरोप हैं।
एफबीआई के मुताबिक, इस आपराधिक संगठन से लगभग एक हजार लोग जुड़े हैं, जिनमें से करीब 100 सदस्य अमेरिका में सक्रिय बताए गए हैं।
००
अपनी भाषा में समाचार चुनने की स्वतंत्रता | देश की श्रेष्ठतम समाचार एजेंसी

