18-19 जुलाई को कोलकाता में गृहमंत्री की महा-बैठक
कोलकाता। पश्चिम बंगाल की सरगर्मी और हालिया राजनीतिक-सामाजिक घटनाक्रमों के बीच देश की आंतरिक सुरक्षा को लेकर एक बहुत बड़ी खबर सामने आ रही है। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह आगामी 18 और 19 जुलाई को पश्चिम बंगाल के दो दिवसीय दौरे पर कोलकाता आ रहे हैं। गृहमंत्री का यह दौरा राज्य की वर्तमान परिस्थितियों के लिहाज से बेहद संवेदनशील और महत्वपूर्ण माना जा रहा है। प्रशासनिक और राजनीतिक गलियारों से मिली जानकारी के अनुसार, गृह मंत्री अमित शाह के इस दौरे का मुख्य फोकस बंगाल की आंतरिक सुरक्षा पर रहेगा।
कोलकाता पहुंचने के बाद गृह मंत्री राज्य के शीर्ष प्रशासनिक अधिकारियों, पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) और केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक आपातकालीन उच्च स्तरीय बैठक करेंगे।
हाल के दिनों में बंगाल के विभिन्न हिस्सों में सामने आई हिंसक घटनाओं, सीमा पार से होने वाली गतिविधियों और राज्य की कानून-व्यवस्था की वर्तमान स्थिति पर गहन समीक्षा की जाएगी। गृह मंत्रालय इस बैठक के जरिए सुरक्षा का एक नया ‘ब्लूप्रिंटÓ तैयार कर सकता है। 19 जुलाई को सुबह 11 बजे से दोपहर 1:15 बजे तक अमित शाह पश्चिम बंगाल की कानून-व्यवस्था को लेकर वरिष्ठ अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक करेंगे। यह बैठक अलीपुर स्थित सौजन्य गेस्ट हाउस में आयोजित होगी। दोपहर 2 बजे अमित शाह राष्ट्रीय पुस्तकालय (नेशनल लाइब्रेरी) पहुंचेंगे, जहां नव-निर्मित वर्ड म्यूजियम का उद्घाटन करेंगे। यह कार्यक्रम लगभग डेढ़ घंटे तक चलेगा। इसके बाद केंद्रीय गृह मंत्री बिश्व बांग्ला कन्वेंशन सेंटर पहुंचेंगे, जहां अमूल बंगाल डेयरी के कर्ड प्लांट की आधारशिला रखेंगे। इस परियोजना को राज्य के डेयरी उद्योग और दुग्ध प्रसंस्करण क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। कार्यक्रमों के समापन के बाद अमित शाह शाम को कोलकाता एयरपोर्ट से भारतीय वायुसेना के विशेष विमान द्वारा नई दिल्ली के लिए रवाना होंगे।
सूत्रों के अनुसार, गृह मंत्री अमित शाह कोलकाता में मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के साथ वन-टू-वन बैठक कर सकते हैं। इस बैठक में राज्य के विकास कार्यों, केंद्र-राज्य समन्वय और प्रशासनिक प्राथमिकताओं पर चर्चा होने की संभावना है।
शाह 18 या 19 जुलाई की शाम को प्रदेश भाजपा के वरिष्ठ नेताओं और नवनिर्वाचित विधायकों के साथ संगठनात्मक बैठक करेंगे, जिसमें भविष्य की राजनीतिक रणनीति और जमीनी तैयारियों का जायजा लिया जाएगा।

