-खराब रोड कनेक्टिविटी से कभी गोरखपुर का सबसे पिछड़ा क्षेत्र माना जाता था दक्षिणांचल
-118 किमी से अधिक लंबाई में जारी है सड़कों का चौड़ीकरण और सुदृढ़ीकरण
गोरखपुर, 16 जुलाई। जनपद के जिस दक्षिणांचल को सड़कों की खराब दशा के लिए जाना जाता था, अब वह रोड कनेक्टिविटी की नई आभा से निखर उठा है। योगी सरकार ने दक्षिणांचल की सड़कों का कायाकल्प कर दिया है। दक्षिणांचल के प्रमुख मार्गों के जीर्णोद्धार, गोरखपुर-वाराणसी फोरलेन व लिंक एक्सप्रेस की कनेक्टिविटी देने के साथ ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंशा के अनुरूप इस क्षेत्र के सभी प्रमुख स्थलों के बीच आवागमन को और भी सुगम बनाने के लिए सड़क चौड़ीकरण और सुदृढ़ीकरण की परियोजनाओं पर काम जारी है। वर्तमान में लोक निर्माण विभाग की तरफ से दक्षिणांचल की 9 प्रमुख मार्गों पर 118 किमी की लंबाई में 445 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से सड़कों का चौड़ीकरण और सुदृढ़ीकरण कराया जा रहा है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विजन के अनुरूप मुख्य मार्गों को फोरलेन कनेक्टिविटी देने के साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में सड़कों के चौड़ीकरण और सुदृढ़ीकरण का कार्य युद्ध स्तर पर होने का सबसे अधिक फायदा, बुनियादी ढांचागत सुविधाओं के विकास से दशकों तक पिछड़े रहे दक्षिणांचल को हो रहा है। यह वही दक्षिणांचल है जिसे, खराब रोड कनेक्टिविटी के चलते जिले का सबसे पिछड़ा क्षेत्र माना जाता था। अब यह धारणा पूरी तरह बदल चुकी है। रोड इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास से दक्षिणांचल के ग्रामीण और प्रमुख इलाकों में आवागमन काफी आसान होता जा रहा है। पहले गड्ढों से भरी सड़कों के कारण इलाज, शिक्षा और व्यापार के लिए शहर जाना एक बड़ी चुनौती थी, लेकिन अब चौड़ी और सुदृढ़ सड़कों ने पूरे इलाके की तस्वीर बदल दी है। जिलाधिकारी दीपक मीणा का कहना है कि मुख्यमंत्री जी की मंशा के अनुरूप गोरखपुर ने सड़क निर्माण परियोजनाओं में उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। अभी जिन सड़क परियोजनाओं पर काम चल रहा है, उन्हें भी समय सीमा के भीतर गुणवत्ता के साथ पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं।
मजबूत होती सड़कों की श्रृंखला में 13 जून को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 57 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली धुरियापार, उरुवा-शाहपुर-बेलघाट मार्ग चौडीकरण परियोजना का लोकार्पण कर दक्षिणांचल को बड़ी सौगात दी थी। इसी क्रम में अगले एक माह से लेकर मार्च 2027 के बीच तक 118 किमी लंबाई में, 445 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से नौ और सड़कों का कायाकल्प हो जाएगा।
*दक्षिणांचल में इन सड़कों का हो रहा चौड़ीकरण व सुदृढ़ीकरण*
1-महदेवा-दुधरा-सोपरा मार्ग, लंबाई 15.20 किमी, लागत 35.56 करोड़ रुपये, भौतिक प्रगति 85 प्रतिशत से अधिक।
2-गोरखपुर-खजनी-सिकरीगंज मार्ग, लंबाई 13.07 किमी, लागत 60.59 करोड़ रुपये, भौतिक प्रगति 95 प्रतिशत से अधिक।
3-भीटी-बांसगांव-गोला मार्ग (चैनेज 25.2 से 41.33 के बीच), लंबाई 16.13 किमी, लागत 81.01 करोड़ रुपये, भौतिक प्रगति 65 प्रतिशत से अधिक।
4-भीटी-बांसगांव-गोला मार्ग (चैनेज शून्य से 10.4 एवं 48 से 58 के बीच), लंबाई 20.40 किमी, लागत 95.27 करोड़ रुपये, भौतिक प्रगति 29 प्रतिशत से अधिक।
5-हाटा-ढेबरा-ढकवा-शिवपुर मार्ग, लंबाई 8.20 किमी, लागत 30.71 करोड़ रुपये, भौतिक प्रगति 38 प्रतिशत से अधिक।
6-कौड़ीराम-जगदीशपुर-डिहवा-हरपुर चीनी मिल मार्ग, लंबाई 18 किमी, लागत 52.87 करोड़ रुपये, भौतिक प्रगति 30 प्रतिशत से अधिक।
7-रिकौली-बनकटा मार्ग, लंबाई 9 किमी, लागत 28.11 करोड़ रुपये, भौतिक प्रगति 55 प्रतिशत से अधिक।
8-मिनी आईटीआई हरिहरपुर मार्ग से तहसी रोड संपर्क मार्ग, लंबाई 7.85 किमी, लागत 25.19 करोड़ रुपये, भौतिक प्रगति 18 प्रतिशत से अधिक।
9-उरुवा-दुधरा-पिपरी मार्ग, लंबाई 11 किमी, लागत 36.20 करोड़ रुपये, भौतिक प्रगति 56 प्रतिशत से अधिक।
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