राजौरी 19 Jully (Rns): जम्मू-कश्मीर में आसमानी आफत ने एक बार फिर खौफनाक मंजर पैदा कर दिया है। राजौरी, अनंतनाग और उधमपुर समेत कई जिलों में मूसलाधार बारिश से जनजीवन पूरी तरह से अस्त-व्यस्त हो गया है। सबसे ज्यादा तबाही राजौरी शहर में देखने को मिली है, जहां बीती रात आई अचानक बाढ़ ने पूरे इलाके को अपनी चपेट में ले लिया। पानी का प्रहार इतना भयंकर था कि पल भर में ही सैकड़ों गाड़ियां तिनके की तरह बह गईं और कई आशियाने जमींदोज हो गए। लोग इस भयानक तबाही को 1992 में आई प्राकृतिक आपदा से जोड़कर देख रहे हैं और पूरे इलाके में दहशत का माहौल है।
बस स्टैंड बना दरिया, तिनके की तरह बह गईं 250 कारें
राजौरी के बेला बस स्टैंड इलाके में तड़के करीब तीन बजे कुदरत ने ऐसा कहर बरपाया कि पूरे इलाके का नामोनिशान ही मिट गया। जलस्तर अचानक बढ़ने से बस स्टैंड का निचला हिस्सा पूरी तरह जलमग्न हो गया और वहां खड़ी 200 से 250 कारें पानी के तेज बहाव में बह गईं। सोशल मीडिया पर इस खौफनाक तबाही के वीडियो भी वायरल हो रहे हैं, जिनमें गाड़ियां पानी में तैरती और बुरी तरह से क्षतिग्रस्त नजर आ रही हैं। पानी का वेग इतना ज्यादा था कि इलाके के दो मकान पूरी तरह से ढह गए और एक महिला के पानी में बहने से लापता होने की भी खबर है। स्थानीय लोगों का मानना है कि यह खौफनाक सैलाब बादल फटने जैसी घटना के कारण आया है।
घरों और दुकानों में घुसा सैलाब, जिंदगी भर की कमाई बर्बाद
बाढ़ का पानी शहर के कई रिहायशी इलाकों और मुख्य बाजारों में घुसने से लोगों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है। लोगों के घरों में रखा कीमती सामान और दुकानों में रखा माल पानी में डूबकर पूरी तरह खराब हो गया है। सड़कों पर नालियों का पानी उफान मारने लगा है, जिससे स्थानीय लोगों का घर से निकलना भी दुश्वार हो गया है। अपनी आंखों के सामने घरों को उजड़ते देख चुके प्रभावित लोगों का कहना है कि उनकी जिंदगी भर की पूंजी इस बाढ़ में बह गई है और अब उनके पास कुछ नहीं बचा है। स्थानीय दुकानदारों को अपने प्रतिष्ठानों से पानी और कीचड़ निकालने के लिए भारी मशक्कत करनी पड़ रही है। लोगों ने प्रशासन से जल निकासी की व्यवस्था को तुरंत दुरुस्त करने की गुहार लगाई है।
सीएम उमर अब्दुल्ला की हालात पर नजर, 23 जुलाई तक हाई अलर्ट
इस भीषण तबाही के बीच जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने स्थिति पर चिंता जताते हुए हालात की निगरानी शुरू कर दी है। उन्होंने साफ किया है कि ऐसे वक्त में प्रशासन की सबसे पहली प्राथमिकता कीमती जानें बचाना है। मुख्यमंत्री लगातार स्थानीय विधायकों के संपर्क में हैं और प्रभावित लोगों तक हर संभव मदद पहुंचाने का आश्वासन दिया है। वहीं, मौसम विभाग ने 19 से 23 जुलाई के बीच जम्मू संभाग के कई जिलों में मूसलाधार बारिश की चेतावनी जारी की है। जम्मू, कठुआ, सांबा, राजौरी, डोडा, रामबन और किश्तवाड़ जिलों को हाई अलर्ट पर रखा गया है, क्योंकि प्रमुख नदियों और पहाड़ी नालों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। एहतियात के तौर पर प्रशासन ने लोगों से बेवजह यात्रा न करने और जल स्रोतों से दूर रहने की सख्त अपील की है।

