नई दिल्ली ,19 जुलाई ,। भारत की स्टार महिला बैडमिंटन खिलाड़ी पीवी सिंधु ने एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का मान बढ़ाया है। सिंधु ने अपने शानदार खेल का प्रदर्शन करते हुए जापान ओपन सुपर-750 बैडमिंटन टूर्नामेंट के खिताब पर कब्जा जमा लिया है। खिताबी मुकाबले में उन्होंने मेजबान देश की दिग्गज खिलाड़ी अकाने यामागुची को शानदार अंदाज में मात देकर इतिहास के पन्नों में अपना नाम स्वर्णाक्षरों में दर्ज करा लिया है। इस खिताबी जीत के साथ ही पीवी सिंधु यह प्रतिष्ठित टूर्नामेंट जीतने वाली भारत की पहली महिला शटलर बन गई हैं।
सीधे सेटों में मेजबान खिलाड़ी को दी करारी शिकस्त
जापान ओपन के फाइनल मुकाबले में पीवी सिंधु शुरुआत से ही अपनी पुरानी आक्रामक लय में नजर आईं और उन्होंने अपनी प्रतिद्वंद्वी को मैच में वापसी करने का कोई भी मौका नहीं दिया। सिंधु ने जापान की अकाने यामागुची को लगातार दो सेटों में 21-17 और 21-17 के अंतर से करारी शिकस्त दी। अपने ही घरेलू दर्शकों के सामने खेल रही यामागुची पर सिंधु का दबदबा पूरे मैच के दौरान साफ दिखाई दिया। इस ऐतिहासिक जीत ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि बड़े और दबाव वाले मुकाबलों में सिंधु का कोई सानी नहीं है।
दो साल बाद लौटा सिंधु का पुराना चैंपियन अवतार
यह खिताबी जीत पीवी सिंधु के करियर के लिए एक बड़ी राहत और मील का पत्थर बनकर आई है। दरअसल, करीब 2 साल के लंबे इंतजार के बाद वह क्चङ्खस्न वर्ल्ड टूर के किसी बड़े टूर्नामेंट का फाइनल मुकाबला खेलने कोर्ट पर उतरी थीं। इस खिताबी जीत से पहले उन्होंने आखिरी बार साल 2024 में सैयद मोदी इंटरनेशनल टूर्नामेंट का खिताब अपने नाम किया था। इतने लंबे समय तक किसी बड़े खिताब से दूर रहने के बाद, जापान ओपन में मिली इस शानदार सफलता ने सिंधु के चैंपियन अवतार को एक बार फिर दुनिया के सामने ला दिया है और उनके फैंस को जश्न मनाने का एक बड़ा मौका दे दिया है।
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