-मजिस्ट्रेट ने युवक के विरूद्ध दायर मुकदमा दर्ज करने की अर्जी किया खारिज
अयोध्या 21 जुलाई (आरएनएस)। पूराकलन्दर थाना क्षेत्र स्थित एक गांव की महिला की अश्लील फोटो व वीडियों बनाकर ब्लैकमेल करने की नीयत से वीडियों वायरल करने की धमकी देने तथा इसकी शिकायत करने पर हत्या करने की धमकी देने क मामले में विपक्षी जसवीर उर्फ राजन को न्यायालय से भारी राहत मिल गयी है। अपर सिविल जज (सीनियर डिवीजन) चतुर्थ एकता सिंह ने पीडि़त महिला की ओर से न्यायालय में विपक्षी के विरूद्ध दायर मुकदमा दर्ज करने की अर्जी पर सुनवाई के पश्चात् खारिज कर दिया है साथ ही मामले में उल्लेख किया है किक पीडि़त महिला के प्रार्थना पत्र पर स्थानीय थाना में अभियोग पंजीकृत है। जिसका मुकदमा अपराध संख्या 166/2026 अन्तर्गत धारा 66 आईटी एक्ट है। जिसकी विवेचना चल रही है। ऐसी स्थिति में पुन: उसी अभियोग में विवेचना कराये जाने का आदेश पारित करने का कोई आचित्य नहीं हो रहा है। इसी लिए न्यायालय में दायर विपक्षी के विरूद्ध दायर मुकदमा निरस्त किया जाता है। यह मामला अयोध्या जनपद के थाना पूराकलन्दर का एक गांव का है। अधिवक्ता राकेश कुमार मिश्र, रणधीर पाण्डेय व शिया जायसवाल ने बताया कि इस विपक्षी जसवीर उर्फ राजन के विरूद्ध दायर मुकदमा खारिज होने पर उसे न्यायालय से राहत मिलने के साथ-साथ न्याय भी मिला है। न्यायालय में दायर प्रार्थना पत्र पर पीडि़ता ने विपक्षी जसवीर उर्फ राजन पुत्र श्याम कुमार जो थाना पूराकलन्दर अकवाराडीह का निवासी है। हम दोनों एक ही विरादरी के हैं। उसका हमारे घर आना जाना उठना बैठना था। आयेदिन बातचीत होती थी। माह दिसम्बर 2023 के प्रथम सप्ताह के एक दिन सुबह वह मेरे घर आया उस समय महिला नहा रही थी उसी का फायदा उठा कर उसने अश्लील फोटो खींच लिया आये दिन उसे ब्लैकमेल कर धमकी देता था। डरवश यह बात अपने घर परिवार में भी नहीं बताया। कुछ दिन बाद मुख्यमंत्री के द्वारा सामूहिक विवाह 8 फरवरी 2026 को एक युवक से हो गयी। इसका पता चलने पर विपक्षी 15 मार्च 2026 को मेरे घर आया और अपशब्दों का प्रयोग करते हुये थप्पडों से मारापीटा इस दौरान उसके साथ दो साथी थी मौजूद थे। इस दौरान विपक्षी ने पीडि़ता को धमकी दिया कि अगर पुलिस में शिकायत किया तो तुम्हारा अश्लील वीडियों वायरल कर बदनाम कर देंगे और हत्या करके पूरे परिवार को बरबाद कर देंगे। घटना की सूचना उसने सम्बन्धित थाना में 3 अप्रैल 2026 को दिया। इसके बाद एसएसपी को प्रार्थना पत्र देकर न्याय की गुहार किया। वहां भी न्याय न मिलने पर पीडि़ता ने प्रार्थना पत्र अधिवक्ता के द्वारा न्यायालय में विपक्षी जसवीर उर्फ राजन के विरूद्ध मुकदमा दर्ज करने की गुहार किया था। जहां सुनवाई के पश्चात् महिला का प्रार्थना पत्र निरस्त करने का आदेश पारित किया गया है।
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