चमोली,22 जुलाई (आरएनएस )।। नगर पालिका के अपर बाजार में स्थित जर्जर कालीकमली धर्मशाला का तहसील प्रशासन, नगर पालिका, लोनिवि ने संयुक्त निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान टीम ने धर्मशाला की जर्जर स्थिति पर चिंता जताई। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से धर्मशाला के संरक्षण करने की मांग की। टीम ने कहा कि निरीक्षण की रिपोर्ट तैयार की जाएगी जिसके बाद संस्था को पत्र लिखकर इसके संरक्षण के लिए कहा जाएगा।वर्ष 1903 में बनाई गई बाबा कालीकमली धर्मशाला चारधाम यात्रा पर आने वाले यात्रियों के रुकने का एकमात्र साधन था। यहां करीब 40 कमरों में यात्री ठहरते थे। मगर संस्था की ओर से नियमित देखरेख न होने से धर्मशाला दिन-प्रतिदिन जर्जर होती जा रही थी। वर्तमान में धर्मशाला में जगह-जगह दीवारों पर दरारें पड़ चुकी हैं। बुधवार को एक संयुक्त टीम ने इसका निरीक्षण किया। टीम ने देखा कि धर्मशाला की स्थिति काफी खराब हो गई है। व्यापार संघ अध्यक्ष अनिल खंडूड़ी, बुजुर्ग महेंद्र प्रसाद गैरोला, पुष्कर गैरोला ने कहा कि यह धर्मशाला नगर की ऐतिहासिक धरोहर है जिसका संरक्षण होना अत्यावश्यक है। तहसीलदार सुधा डोभाल ने बताया कि निरीक्षण की रिपोर्ट तैयार कर उपजिलाधिकारी को दी जाएगी। इसके बाद तहसील से संस्था को पत्र लिखकर इसके संरक्षण के लिए कहा जाएगा। इस मौके पर नगर पालिका अधिशासी अधिकारी नरेंद्र सिंह रावत, अवर अभियंता हरीश मैठाणी, लोनिवि अवर अभियंता सूरज चौधरी और कानूनगो अरविंद कुंवर आदि मौजूद रहे।
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