बेंगलुरु 23 Jully । भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) के राष्ट्रीय टूर्नामेंट में भाग लेने बेंगलुरु पहुंचे महाराष्ट्र के 20 वर्षीय एक युवा क्रिकेटर कथित साइबर हनीट्रैप और ब्लैकमेलिंग का शिकार हो गए। आरोप है कि डेटिंग ऐप के माध्यम से संपर्क करने वाली एक महिला ने वीडियो कॉल के दौरान आपत्तिजनक वीडियो रिकॉर्ड कर उसे सोशल मीडिया पर वायरल करने की धमकी दी और पैसे की मांग की। मामले की शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
जानकारी के अनुसार, घटना 17 जुलाई की रात उस समय हुई जब खिलाड़ी उत्तरी बेंगलुरु के एक होटल में ठहरे हुए थे। इसी दौरान डेटिंग ऐप पर एक महिला से उनकी बातचीत शुरू हुई। कुछ देर बाद महिला ने बातचीत को व्हाट्सएप पर जारी रखने के लिए अपना नंबर साझा किया और फिर वीडियो कॉल करने का आग्रह किया।
शिकायत के मुताबिक, वीडियो कॉल के दौरान महिला ने आपत्तिजनक हरकतें कर खिलाड़ी को झांसे में लिया और कथित रूप से उनकी रिकॉर्डिंग कर ली। इसके बाद वीडियो सार्वजनिक करने की धमकी देकर पैसे की मांग की गई। शुरुआत में खिलाड़ी ने डर के कारण 1,500 रुपये भेज दिए, लेकिन इसके बाद भी लगातार अधिक रकम की मांग की जाती रही।
लगातार मिल रही धमकियों से परेशान होकर खिलाड़ी ने अपने साथियों को पूरी घटना की जानकारी दी। साथियों की सलाह पर उन्होंने पुलिस से संपर्क किया। शिकायत के आधार पर पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) और सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। फिलहाल आरोपी महिला और उससे जुड़े अन्य संदिग्धों की तलाश जारी है।
बेंगलुरु पुलिस के अधिकारियों ने लोगों को आगाह करते हुए कहा कि साइबर अपराधी अब एआई आधारित तकनीकों और फर्जी पहचान का इस्तेमाल कर लोगों को जाल में फंसा रहे हैं। उन्होंने सलाह दी कि अनजान लोगों की वीडियो कॉल स्वीकार करने से बचें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत पुलिस को सूचना दें।
उल्लेखनीय है कि हाल ही में बीसीसीआई ने भी खिलाड़ियों को हनीट्रैप, साइबर ठगी और ऑनलाइन ब्लैकमेलिंग जैसे मामलों से सतर्क रहने के लिए विशेष परामर्श जारी किया था।

