०बोरीड ग्राम में आदिवासी न्याय एवं विधिक जागरूकता पर कार्यशाला
एवं क्षेत्रीय भ्रमण आयोजित
रायपुर,08 नवंबर (आरएनएस)। हिदायतुल्ला राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय (एचएनएलयू), रायपुर के लीगल एड एंड सोशल सर्विसेस कमेटी (रुस्स्ष्ट) तथा सेंटर फॉर लॉ एंड इंडिजिनस स्टडीज (ष्टरुढ्ढस्) के संयुक्त तत्वावधान में आदिवासी न्याय एवं विधिक जागरूकता विषय पर कार्यशाला एवं क्षेत्रीय भ्रमण का आयोजन महासमुंद जिले के बोरीड ग्राम में किया गया। यह कार्यक्रम जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (डीएलएसए), महासमुंद एवं निर्मया कैंसर फाउंडेशन, रायपुर के सहयोग से संपन्न हुआ।कार्यक्रम में 34 छात्र स्वयंसेवकों एवं पांच प्राध्यापकों — डॉ. कौमुदी चाल्ला, डॉ. अयन हजऱा, डॉ. अर्चना श्याम घरोटे, प्रदीप बर्मन और दीपक कुमार — ने भाग लिया। इनके साथ एडवोकेट संजीव कुमार पांडा, उप प्रमुख विधिक एवं रक्षा परामर्श प्रणाली, एडवोकेट डोला मणि पटेल (डीएलएसए, महासमुंद) तथा सुदेशना (निर्मया कैंसर फाउंडेशन) भी सम्मिलित थीं।एचएनएलयू के कुलपति प्रो. (डॉ.) वी. सी. विवेकानंदन ने कहा कि ऐसे क्षेत्रीय भ्रमण और जागरूकता कार्यक्रम विद्यार्थियों को समाज की वास्तविक परिस्थितियों से परिचित कराते हैं और उनमें सेवा भावना तथा उत्तरदायित्व का विकास करते हैं।भ्रमण की शुरुआत ग्राम में घर-घर सर्वेक्षण से हुई, जिसमें सामाजिक, शैक्षणिक एवं स्वास्थ्य संबंधी जानकारी एकत्र की गई। दोपहर बाद आयोजित कार्यशाला का शुभारंभ ग्राम सरपंच अजयमंगल सिंह ध्रुव ने किया। उन्होंने एचएनएलयू टीम का स्वागत करते हुए ग्राम की आधारभूत सुविधाओं, स्वास्थ्य और महिलाओं की समस्याओं पर प्रकाश डाला।डॉ. कौमुदी चाल्ला ने विधिक सहायता के महत्व पर प्रकाश डाला, जबकि डॉ. अयन हजऱा ने आदिवासी समुदायों में न्याय और अधिकारों की पहुँच बढ़ाने की आवश्यकता बताई। एडवोकेट संजीव कुमार पांडा और एडवोकेट डोला मणि पटेल ने ग्रामीणों को मुफ्त विधिक सहायता प्राप्त करने की प्रक्रिया, यातायात चालान, घरेलू हिंसा और अन्य सामान्य कानूनी विषयों पर मार्गदर्शन दिया।सुश्री सुदेशना (निर्मया कैंसर फाउंडेशन) ने महिलाओं के स्वास्थ्य, स्वच्छता और कैंसर से बचाव पर जानकारी दी। बच्चों को स्टेशनरी सामग्री वितरित की गई।भ्रमण के दौरान ग्राम की 52 परिवारों से संवाद किया गया, जिसमें स्वच्छ पेयजल की कमी, सड़कों की दुर्दशा, सीमित शैक्षणिक सुविधाएं और स्वास्थ्य सेवाओं का अभाव जैसी समस्याएं सामने आईं।कार्यक्रम के अंत में प्रदीप बर्मन ने धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कुलपति प्रो. (डॉ.) वी. सी. विवेकानंदन एवं कुलसचिव डॉ. दीपक कुमार वास्तव के मार्गदर्शन एवं सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया।
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