बेंगलुरु ,10 नवंबर(आरएनएस)। केंपेगौड़ा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के टर्मिनल-2 के भीतर कुछ लोगों द्वारा नमाज़ अदा किए जाने का वीडियो/विवरण सामने आने के बाद राजनीतिक विवाद तेज़ हो गया है। कर्नाटक भाजपा ने इसे सुरक्षा में चूक करार देते हुए कांग्रेस सरकार पर डबल स्टैंडर्ड अपनाने का आरोप लगाया और मुख्यमंत्री सिद्धारमैया तथा मंत्री प्रियांक खड़ग़े से जवाब मांगा है।
भाजपा के सवाल
भाजपा प्रवक्ता विजय प्रसाद ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म ‘ङ्गÓ पर पोस्ट कर पूछा कि हाई-सिक्योरिटी वाले एयरपोर्ट टर्मिनल के भीतर ऐसी गतिविधि की अनुमति कैसे दी गई। उन्होंने पूछा कि क्या संबंधित लोगों ने पहले से आधिकारिक अनुमति ली थी। प्रसाद के मुताबिक, जब राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (क्रस्स्) स्थानीय प्रशासन से अनुमति लेकर पथ-संचलन करता है तो सरकार आपत्ति जताती है, लेकिन प्रतिबंधित/संवेदनशील सार्वजनिक क्षेत्र में इस तरह की गतिविधि पर आंखें मूंद ली जाती हैं—क्या यह गंभीर सुरक्षा चिंता नहीं है?
कांग्रेस नेता प्रियांक खड़ग़े की पृष्ठभूमि टिप्पणी
विवाद ऐसे समय में उभरा है, जब 3 नवंबर 2025 को मंत्री प्रियांक खड़ग़े ने क्रस्स् की ट्रांसपेरेंसी पर सवाल उठाते हुए उसे औपचारिक रूप से संगठन के रूप में रजिस्टर कराने की बात कही थी। उन्होंने कहा था कि उन्हें क्रस्स् से समस्या नहीं है, बशर्ते वह गतिविधियों के लिए सरकारी अनुमति ले और क़ानूनी ढांचे का पालन करे। खड़ग़े ने क्रस्स् प्रमुख मोहन भागवत को दी जाने वाली एडवांस सिक्योरिटी कॉन्टैक्ट्स पर भी प्रश्न उठाए थे, यह कहते हुए कि ऐसी सुरक्षा सामान्यत: शीर्ष संवैधानिक पदों के लिए आरक्षित रहती है।
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