बिलासपुर, 11 नवम्बर (आरएनएस)। शहर की जीवनरेखा कही जाने वाली अरपा नदी लगातार बढ़ते प्रदूषण की चपेट में है। नदी में गंदे पानी के प्रवाह को रोकने के लिए बनाए जा रहे सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) का निर्माण समय पर पूरा नहीं हो पाया है। इस लापरवाही पर बिलासपुर नगर निगम ने ठेका कंपनी श्रद्धा कंस्ट्रक्शन पर 2.22 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया है और दिसंबर तक काम पूरा करने की सख्त चेतावनी दी है।
निगम की रिपोर्ट के मुताबिक, शहर के 70 से अधिक नालों का लगभग 135 एमएलडी गंदा पानी बिना ट्रीटमेंट के सीधे अरपा नदी में जा रहा है। इनमें से करीब 110 एमएलडी पानी 11 बड़े नालों के जरिये नदी में पहुंचता है। मंगला से दोमुहानी तक लगभग 10.5 किलोमीटर लंबाई में आबादी वाले इलाकों से सीवेज लगातार नदी में मिल रहा है, जिससे प्रदूषण का स्तर चिंताजनक रूप से बढ़ गया है। नगर निगम के अनुसार, मंगला में 10 एमएलडी क्षमता वाले एसटीपी का 75 प्रतिशत कार्य, जबकि 6 एमएलडी प्लांट का 90 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। कोनी क्षेत्र में 2 एमएलडी एसटीपी अंतिम चरण में है, वहीं पचरीघाट में 1 एमएलडी क्षमता वाले प्लांट का निर्माण अभी प्रारंभिक स्तर पर है। निगम ने दावा किया है कि सभी एसटीपी मार्च 2026 तक पूर्ण रूप से तैयार हो जाएंगे।
जानकारी के लिए बता दें कि एसटीपी वह प्रणाली है जो घरों, दफ्तरों और उद्योगों से निकलने वाले गंदे पानी को विभिन्न भौतिक, रासायनिक और जैविक प्रक्रियाओं से साफ करती है, ताकि उसे पुन: उपयोग में लाया जा सके और नदियों या जल स्रोतों को प्रदूषित होने से बचाया जा सके।
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