0 रायगढ़ जिले के छाल तहसील के पुरंगा जिला रायगढ़ में संरक्षण मंडल कर रहा था सुनवाई
0 जनसुनवाई करने आने वालों को ग्रामीणजनों ने खोद दिया गढ्डा
रायपुर, 11 नवंबर (आरएनएस)। भारत के सुप्रसिद्ध उद्योगपति द्वारा छत्तीसगढ़ एक भूमिगत कोल माईंस लेनेे पर विवाद खड़ा हो गया है। नागरिकों ने इसका पुरजोर विरोध किया है। जन विरोध के चलते यहां पर आज छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल को जनसुनवाई रोकनी पड़ी।
छत्तीसगढ़ पर्यावरण मंडल द्वारा आज भारत सरकार के वन एवं पर्यावरण मंत्रालय की अधीसूचना जारी करने के बाद रायगढ़ जिले के पुरंगा तहसील छाल जिला रायगढ़ में लोक सुनवाई की तिथि आज 11 नवंबर मंंगलवार को जनसुनवाई आयोजित की गई थी। ज्ञात रहे इस उद्योगपति द्वारा कई भूमिगत कोयल खदानों को लिया गया है। धरमजयगढ़ विधानसभा के अलावा लैलूंगा विधानसभा क्षेत्र में भी इस काविरोध कांग्रेसजनों द्वारा किया गया था। भूमिगत कोल माइंस तथा सीमेंट उद्योग में इस उद्योगपति द्वारा एकाधिकार कर दिया गया है। इस समय सीमेंट उद्योग एक कोर्टिल बनाकर सीमेंट में रेट बढ़ाए जा रहे हैं। सुप्रसिद्ध उद्योगपति द्वारा सीमेंट उद्योग लगाया जा रहा है। रायगढ़ जिले के छाल के समीप चन्द्रशेखर एडू़ के सरपंच नवल राठिया ने बताया कि इस भूमिगत कोयला मांइस का विरोध कर रहे हैं। इसके संबंध में कलेक्टर को ज्ञापन दिया गया है। ग्रामीणों ने कोल माइंस देने के विरोध में जनसुनवाई स्थल के आसपास गढ्डा खोद दिया गया है, जिसके कारण यह जनसुनवाई नहीं हो सकी।
पर्यावरण संरक्षण मंडल के सचिव ने बताया कि यह भूमिगत कोल मांइस जो कि पुरंगा कोल माइंस के नाम से जानी जाती है। इसके लिए अंबुजा सीमेंट द्वारा आवेदन दिया गया था जिस पर सुनवाई होना था लेकिन व्यापक विरोध के कारण जनसुनवाई नहीं हो पाई। उन्होंने बताया कि वहां पर अभी भी रोष है। जिला प्रशासन द्वारा यहां पर भारी पुलिस बल का इंतजाम किया गया है। सरपंच नवल राठिया ने बताया कि अंबुजा सीमेंट कंपनी द्वारा कोपदार गांव में 2.25 एनटीपीए के पूर्व खदान में कोल खदान के लिए आवेदन लगाया गया है, यह प्लांट एक सुप्रसिद्ध उद्योगपति का है।
आर.शर्मा
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