लखनऊ/वाराणसी 11 नवंबर (आरएनएस )। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन और संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह के दूरदर्शी नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार संस्कृति, इतिहास और पुरातत्व के संरक्षण तथा संवर्धन की दिशा में निरंतर कार्य कर रही है। इसी क्रम में संस्कृति विभाग उत्तर प्रदेश के अंतर्गत क्षेत्रीय पुरातत्व इकाई, वाराणसी, राज्य पुरातत्व विभाग, लखनऊ और वसंत कन्या महाविद्यालय, कमच्छा के प्राचीन भारतीय इतिहास, संस्कृति एवं पुरातत्व विभाग के संयुक्त तत्वावधान में महाविद्यालय परिसर में छह दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला का शुभारंभ किया गया।कार्यशाला का विषय मानव का उद्भव, समायोजन तथा तकनीक रहा, जिसने वर्तमान कृत्रिम बुद्धिमत्ता (्रह्म्ह्लद्बद्घद्बष्द्बड्डद्य ढ्ढठ्ठह्लद्गद्यद्यद्बद्दद्गठ्ठष्द्ग) के युग में प्रतिभागियों के बीच विशेष उत्साह और जिज्ञासा उत्पन्न की। उद्घाटन सत्र में वसंत कन्या महाविद्यालय की प्राचार्या प्रो. रचना श्रीवास्तव ने अतिथियों का स्वागत करते हुए इस कार्यशाला के आयोजन को एक सार्थक शैक्षणिक पहल बताया। उन्होंने कहा कि मानव विकास की यात्रा को समझने के लिए हमें प्रकृति और समाज के बीच मानवीय संबंधों का पुनर्मूल्यांकन करना होगा तथा धारणीय भविष्य के निर्माण के लिए संतुलित दृष्टिकोण अपनाना होगा।कार्यशाला की संयोजक एवं प्रख्यात पुराविद प्रो. विदुला जायसवाल ने विषय की प्रासंगिकता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों में मानव उद्विकास (॥ह्वद्वड्डठ्ठ श्व1शद्यह्वह्लद्बशठ्ठ) की प्रयोगात्मक समझ विकसित करने की आवश्यकता है। उन्होंने बताया कि इस कार्यशाला के माध्यम से छात्रों और शोधार्थियों को मानव सभ्यता की विकास यात्रा, तकनीकी नवाचारों और सामाजिक समायोजन के परस्पर संबंधों को समझने का अवसर मिलेगा।इस अवसर पर राज्य पुरातत्व विभाग द्वारा एक आकर्षक छायाचित्र प्रदर्शनी भी लगाई गई, जिसमें मानव सभ्यता के विकासक्रम, प्राचीन तकनीकी साधनों और सांस्कृतिक प्रतीकों को प्रदर्शित किया गया।संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश इस समय सांस्कृतिक पुनर्जागरण के युग से गुजर रहा है। राज्य पुरातत्व विभाग के ऐसे आयोजन न केवल हमें अपनी जड़ों से जोड़ते हैं, बल्कि आधुनिक विज्ञान और तकनीक के साथ सामंजस्य स्थापित करने की दिशा में भी प्रेरित करते हैं। उन्होंने कहा कि विभाग का उद्देश्य केवल अतीत की विरासत को सहेजना नहीं, बल्कि उसे भविष्य की पीढिय़ों के लिए प्रेरणा-स्रोत बनाना है।मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के संस्कृति से विकास के मंत्र को साकार करते हुए राज्य पुरातत्व विभाग निरंतर ऐसे शैक्षणिक और अनुसंधानात्मक कार्यक्रमों के माध्यम से नई पीढ़ी में सांस्कृतिक चेतना और वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करने के लिए प्रयासरत है।
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