हुगली 11 नवंबर (आरएनएस) राज्य सरकार के उद्योग प्रोत्साहन कार्यक्रम ‘सिनर्जीÓ के तहत आज रवींद्र भवन, चुचुड़ा (हुगली) में बिजनेस फैसिलिटेशन कॉन्क्लेव 2025-26 आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में हुगली, दक्षिण 24 परगना और कोलकाता जिलों के उद्यमियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।
कार्यक्रम का उद्घाटन राज्य के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग तथा वस्त्र विभाग (एमएसएमई एवं टेक्सटाइल्स) के मंत्री चंद्रनाथ सिन्हा ने किया। उन्होंने कार्यक्रम की अध्यक्षता भी की। इस अवसर पर सुंदरबन मामलों के मंत्री बांकीम चंद्र हाजरा, कृषि विपणन राज्यमंत्री बेचराम मान्ना, परिवहन राज्यमंत्री दिलीप मंडल, और हुगली जिला परिषद के सभाधिपति रंजन धारा समेत कई जनप्रतिनिधि और अधिकारी उपस्थित थे।
राज्य सरकार की ओर से एमएसएमई एवं टेक्सटाइल्स विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव राजेश पांडे (आईएएस), विभाग के निदेशक यू. स्वरूप (आईएएस), हुगली के जिलाधिकारी खुर्शीद अली कादरी, दक्षिण 24 परगना के जिलाधिकारी अरविंद कुमार मीणा और अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे। कार्यक्रम में वक्ताओं ने राज्य सरकार की औद्योगिक नीतियों और एमएसएमई क्षेत्र में हुई प्रगति पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि बंगाल में एमएसएमई सेक्टर राज्य की आर्थिक रीढ़ बन चुका है और सरकार इसके विकास के लिए लगातार नई पहल कर रही है। उन्होंने हुगली, दक्षिण 24 परगना और कोलकाता जिलों की औद्योगिक विविधता और आने वाले वर्षों में इन क्षेत्रों में निवेश की संभावनाओं पर भी चर्चा की।एमएसएमई विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव ने अपने संबोधन में कहा कि राज्य सरकार उद्योगों के लिए सभी वैधानिक स्वीकृतियां और क्लियरेंस समयबद्ध तरीके से देने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि कार्यक्रम से पहले लंबित औद्योगिक आवेदनों की समीक्षा की गई, जिनमें से 50 प्रतिशत से अधिक मामलों का निपटारा किया गया है। उन्होंने यह भी कहा कि जिला प्रशासन और विभागों के बीच निरंतर समन्वय से शेष आवेदनों को जल्द मंजूरी देने के प्रयास जारी हैं। कॉन्क्लेव के दौरान विभाग की ओर से उद्यमियों को राज्य में व्यापार सुगमता से संबंधित हालिया सुधारों की जानकारी दी गई। खाद्य प्रसंस्करण उद्योग एवं उद्यानिकी विभाग के वरिष्ठ अधिकारी ने राज्य में फूड प्रोसेसिंग सेक्टर में निवेश की व्यापक संभावनाओं पर भी प्रकाश डाला। कार्यक्रम में 550 से अधिक उद्यमियों ने भाग लिया और विभागों द्वारा लगाए गए 22 हेल्प डेस्क पर करीब 350 उद्यमियों ने अपने उद्योग संबंधी मुद्दों पर सलाह ली। राज्य सरकार के मुताबिक, इस कार्यक्रम के दौरान हुगली, दक्षिण 24 परगना और कोलकाता जिलों से आठ हजार एक सौ करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। ये निवेश अगले दो से तीन वर्षों में लागू होंगे और इससे लगभग एक लाख लोगों को रोजगार मिलने की उम्मीद है। विभाग ने बताया कि 20 उद्यमियों को वैधानिक स्वीकृतियां, बैंक ऋण और योजनागत लाभ मौके पर ही सौंपे गए। इसके अलावा कई उद्योगों के लिए पेंडिंग क्लियरेंस भी जारी किए गए। एमएसएमई विभाग के अनुसार, ‘भविष्यत क्रेडिट कार्ड योजनाÓ के तहत तीनों जिलों में अब तक छह हजार 640 मामलों में 169 करोड़ रुपये की मंजूरी दी जा चुकी है। हुगली में 180 एकड़ क्षेत्रफल में चार से पांच नए निजी औद्योगिक पार्क विकसित किए जा रहे हैं, जिनमें लगभग 500 करोड़ रुपये का निवेश और पांच हजार रोजगार सृजन की संभावना है। वहीं, श्रीरामपुर में 12.5 एकड़ भूमि पर सिल्क प्रिंटिंग यूनिट्स के लिए कॉमन फैसिलिटी सेंटर की स्थापना की जा रही है। राज्य सरकार की पहल से पावर टेक्सटाइल इकॉनॉमी को मजबूत करने के लिए वाटरजेट, डाइंग और टेक्सचराइजिंग मशीनें लगाई गई हैं। वहीं, बेलियाघाटा में जनबाजार लेदर शू क्लस्टर के विकास हेतु आठ करोड़ रुपये की लागत से अत्याधुनिक केंद्र, और जयनगर में दो करोड़ रुपये की लागत से ‘मोआ हबÓ स्थापित किए गए हैं। एमएसएमई विभाग के वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य उद्यमिता को प्रोत्साहन देना और निवेशकों के लिए सुगम वातावरण तैयार करना है।
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