रुड़की,11 नवंबर (आरएनएस)। उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारी संघर्ष समिति की ओर से मंगलवार को ज्वाइंट मजिस्ट्रेट कार्यालय के बाहर राज्य आंदोलनकारियों के चिन्हीकरण की मांग को लेकर धरना प्रदर्शन किया गया। राज्य आंदोलनकारियों ने कहा कि अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर एक सप्ताह बाद आमरण अनशन करने का निर्णय लिया गया था, लेकिन संयुक्त मजिस्ट्रेट रुड़की दीपक रामचंद्र सेट द्वारा कार्रवाई करने और वंचित आंदोलनकारियों की सूची सरकार को उपलब्ध करने के आश्वासन के बाद एक माह के लिए आमरण अनशन स्थगित कर दिया गया है। रुड़की के प्रथम राज्य आंदोलनकारी हर्ष प्रकाश काला ने कहा कि वर्ष 1950 से पहले उत्तराखंड की परिधि में रहने वाले प्रत्येक व्यक्ति को मूल निवास प्रमाणपत्र जारी किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि पहाड़ और मैदान के आधार पर प्रदेश को बांटना अन्यायपूर्ण है। उन्होंने बताया कि समिति द्वारा दो अक्तूबर को रामपुर तिराहा और 10 अक्तूबर को भाजपा जिला कार्यालय लोकार्पण के अवसर पर ज्ञापन देकर नौ नवंबर तक चिन्हीकरण से वंचित आंदोलनकारियों को चिन्हित करने की मांग की गई थी। लेकिन सरकार ने छह माह तक मामला लटका दिया जो असहनीय है।
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