ऋषिकेश,11 नवंबर (आरएनएस)। अरुणाचल प्रदेश की महिला एवं बाल विकास मंत्री दासंगलु पुल ने ऋषिकेश में गंगा आरती की। उन्होंने कहा कि गंगा आरती केवल ज्योति और मंत्रोच्चार का अनुष्ठान नहीं, बल्कि एक ऐसी सांस्कृतिक धरोहर है, जो भक्ति के साथ समाज और राष्ट्र के प्रति कर्तव्य बोध भी जगाती है। मंगलवार को परमार्थ निकेतन में अरुणाचल प्रदेश की महिला एवं बाल विकास, कला एवं संस्कृति तथा विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री दासंगलु पुल अपने 16 अधिकारियों के प्रतिनिधिमंडल के साथ पहुंचीं। उन्होंने परमार्थ निकेतन के अध्यक्ष स्वामी चिदानंद सरस्वती से मुलाकात की। उसके बाद यहां गंगा आरती की। उन्होंने कहा कि यह आरती केवल देवभक्ति नहीं, बल्कि देशभक्ति के संस्कार भी जगाती है। यहां आकर जो शांति और ऊर्जा मिलती है, वह केवल व्यक्तिगत नहीं राष्ट्रहित के संकल्पों को भी मजबूत बनाती है। पूर्वोत्तर भारत की संस्कृति भी राष्ट्रप्रेम से ओतप्रोत है गंगा और ब्रह्मपुत्र का यह सांस्कृतिक संगम भारत की अखंडता को और उज्ज्वल बनाएगा। गंगा आरती में उपस्थित कानपुर सांसद रमेश अवस्थी ने कहा कि परमार्थ निकेतन के इस दिव्य वातावरण में आना अपने आप में सौभाग्य की बात है। यहाँ से स्वामी चिदानंद सरस्वती के श्रीमुख से जो संदेश दिया जाता है, वह मात्र शब्द नहीं, बल्कि पूरी मानवता के लिये एक प्रकाशपुंज है। स्वामी चिदानंद सरस्वती ने कहा कि आज राष्ट्रीय शिक्षा दिवस भी है। कहा कि शिक्षा केवल करियर का साधन न बन जाए, बल्कि चरित्र और समर्पण की साधना बने यही इस विशेष दिन का संदेश है। इस दौरान दिल्ली में हुए ब्लॉस्ट की निंदा की गई और मृतकों की आत्मशांति की प्रार्थना भी की गई।
Login
अपनी भाषा में समाचार चुनने की स्वतंत्रता | देश की श्रेष्ठतम समाचार एजेंसी

