रायपुर, 12 नवम्बर (आरएनएस)। राजधानी रायपुर में नशे के कारोबार पर अदालत ने कड़ा रुख अपनाते हुए चार आरोपियों को 15-15 साल के कठोर कारावास और एक-एक लाख रुपए जुर्माने की सजा सुनाई है। विशेष न्यायाधीश (एनडीपीएस एक्ट) पंकज सिन्हा की अदालत ने यह फैसला मार्च 2021 में खमतराई थाना क्षेत्र में दर्ज निट्रा-10 प्रतिबंधित दवा की अवैध बिक्री के मामले में सुनाया। पुलिस ने बंजारी मंदिर के पीछे घेराबंदी कर आरोपियों अतुल शर्मा, विनीत शुक्ला, नरेंद्र शर्मा और पदुम कुमार सिंह को गिरफ्तार किया था, जबकि एक आरोपी युवराज शर्मा अब भी फरार है। पुलिस ने उनके पास से 10 हजार निट्रा-10 टेबलेट बरामद की थीं। जांच के दौरान आरोपी बिक्री के वैध दस्तावेज नहीं दिखा सके, जिसके आधार पर अदालत ने चारों को दोषी ठहराया।
रायपुर नारकोटिक्स कोर्ट ने हाल के महीनों में नशे के मामलों में सख्त रुख अपनाया है। पिछले नौ महीनों में 145 मामलों में 255 से अधिक तस्करों को सजा दी गई है, जिनमें एक साल से लेकर 20 साल तक की कैद शामिल है। अदालत ने अपने आदेश में कहा कि सूखे नशे का फैलाव समाज के लिए गंभीर खतरा है। मंदिर हसौद, डीडी नगर, आमानाका और टिकरापारा जैसे इलाकों के कई कुख्यात तस्करों को भी पिछले वर्ष 10 से 20 साल तक की कैद की सजा दी गई थी। एसएसपी डॉ. लाल उमेद सिंह ने बताया कि रायपुर पुलिस ने नारकोटिक्स मामलों की मॉनिटरिंग के लिए एक विशेष सिस्टम तैयार किया है, जिसमें टीआई यमन देवांगन की टीम को केस की प्रगति और कोर्ट की कार्यवाही पर नजऱ रखने की जिम्मेदारी दी गई है। इस सख्त निगरानी और त्वरित सुनवाई के चलते राजधानी में नशे से जुड़े मामलों में लगातार दोषियों को सजा मिल रही है और न्यायिक प्रक्रिया तेज़ी से आगे बढ़ रही है।
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