नई दिल्ली 12 Nov, (Rns) : सोमवार को दिल्ली के ऐतिहासिक लाल किले के पास एक कार में हुए विस्फोट ने पूरे शहर में दहशत फैला दी। पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों ने अब तक कई संदिग्धों को हिरासत में लिया है। इस हमले के 3 मुख्य संदिग्धों में डॉ. मुजम्मिल, डॉ. अदील अहमद डार और डॉ. उमर के नाम शामिल हैं। जानकारी के मुताबिक धमाके में डॉ. उमर की मौत हो गई, जबकि डॉ. मुजम्मिल और डॉ. अदील अहमद डार को गिरफ्तार कर लिया गया है। पूछताछ में मुजम्मिल ने कई अहम खुलासे किए हैं, जिनमें यह भी सामने आया है कि इन लोगों का असली निशाना लाल किला ही था।
: जांच एजेंसियों के अनुसार, मुजम्मिल से पूछताछ के दौरान पता चला कि उसने और उमर ने जनवरी के पहले सप्ताह में लाल किले की रेकी की थी। फोन डेटा की जांच में यह जानकारी सामने आई है। एजेंसियों को यह भी संदेह है कि इनकी साजिश 26 जनवरी के मौके पर लाल किले को निशाना बनाने की थी। इसके अलावा, वे दीवाली पर भीड़भाड़ वाली जगह पर धमाका करने की योजना बना रहे थे।
सोमवार को जम्मू-कश्मीर और हरियाणा पुलिस ने फरीदाबाद से करीब 2,900 किलो अमोनियम नाइट्रेट बरामद किया था। इसी के कुछ घंटे बाद लाल किले के पास विस्फोट हुआ। पुलिस सूत्रों का कहना है कि डॉ. उमर जैश-ए-मोहम्मद के आतंकी मॉड्यूल से जुड़ा हुआ था और उसके साथ डॉ. मुजम्मिल और डॉ. अदील अहमद डार भी सक्रिय रूप से शामिल थे।

