हरिद्वार,12 नवंबर (आरएनएस)। पतंजलि के महामंत्री आचार्य बालकृष्ण ने दावा कर कहा कि पतंजलि के वैज्ञानिकों ने एक शोध में सत्यापित किया है कि वर्षा ऋतु में एकत्रित गिलोय औषधीय रूप से अधिक प्रभावी है। उन्होंने कहा कि शोध के माध्यम से पतंजलि के वैज्ञानिकों ने सिद्ध किया है कि सनातन ग्रंथों में लिखित ऋषि मुनियों के विचार, भारतीय संस्कृति से जुड़े त्योहार, मात्र हमारे पूर्वजों की कपोल कल्पना नहीं, उनमें वैज्ञानिक दृष्टिकोण निहित था। जो भविष्य की पीढिय़ों को ध्यान में रखकर लिखा गया था। कहा कि अब समय आ गया है कि हम प्रकृति और सनातन संस्कृति की तरफ लौटें और ग्रंथों में छिपे वैज्ञानिक दृष्टिकोण को पहचाने।
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