मीरजापुर 13 नवंबर (आरएनएस)। बार कॉउंसिल ऑफ़ उत्तर प्रदेश का चुनाव पांच वर्ष में होता है पर किन्ही कारणों से यह चुनाव आठ वर्ष में कराया जा रहा है। इसमें उत्तर प्रदेश के प्रत्येक जिले के अधिवक्ता मतदान करते है, यह चुनाव वर्ष 2018 में पिछली बार हुआ था, जिसके बाद सर्वोच्च न्यायालय के आदेश पर यह चुनाव जनवरी 2026 में कराया जा रहा है पर दुर्भाग्य पूर्ण तरीके से प्रत्याशी का नामांकन शुल्क जो पिछली बार पंद्रह हज़ार था उसे इस बार दस गुना बढ़ाकर डेढ़ लाख कर दिया गया है। जिससे खिलाफ मीरजापुर के अधिवक्ता व बार कॉउंसिल ऑफ़ उत्तर प्रदेश के प्रत्याशी अमित जायसवाल ने इस सम्बन्ध में उच्च न्यायालय व सर्वोच्च न्यायालय को प्रार्थना पत्र देकर नामांकन शुल्क पूर्व की भाति करने के लिए निवेदन करते हुए लिखा कि बार कॉउंसिल ने मनमाने तरीके से शुल्क वृद्धि का फरमान जारी कर दिया है जो हर तरह से अनुचित है, देश के किसी भी चुनाव में चुनाव लडऩे की इतनी फीस नहीं रखी गयी है राष्ट्रपति के चुनाव का नामांकन शुल्क पंद्रह हज़ार, सांसद का पच्चीस हज़ार और विधायक का दस हज़ार नामांकन शुल्क होता है। इस तरह बार कॉउंसिल के द्वारा मनमाने तरीके से शुल्क वृद्धि पर रोक लगाते हुए इसे पूर्व की भाउति किया जाना चाहिए, जिससे जीतने वाले प्रत्याशी अधिवक्ता हित की सोचे अपने हित की नहीं द्य मीरजापुर में यह मतदान 27 व 28 जनवरी को जिला कचहरी में होगा।
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