अयोध्या, 13 नवंबर (आरएनएस )लखनऊ उत्तर प्रदेश के युवाओं को रोजगार और दलित, शोषित तथा वंचित वर्गों को सामाजिक न्याय दिलाने के संकल्प के साथ बुधवार को अयोध्या से शुरू हुई आम आदमी पार्टी की *’रोजगार दो – सामाजिक न्याय दोÓ* पदयात्रा गुरुवार को अपने दूसरे दिन भी जोश और उत्साह के साथ आगे बढ़ी। आप के प्रदेश प्रभारी एवं राज्यसभा सांसद संजय सिंह के नेतृत्व में चल रही इस पदयात्रा ने अयोध्या के चांदपुर, हरबंशपुर, धबासेमर, कल्याण भदरसा होते हुए बीकापुर तक का सफर तय किया।पदयात्रा के दौरान नहरिया चौकी पर अजीत सिंह के नेतृत्व में स्थानीय जनता और सैकड़ों आप समर्थकों ने संजय सिंह व पार्टी नेताओं का गर्मजोशी से स्वागत किया। इसके बाद मसौदा में सागर शर्मा, रोडवेज वर्कशॉप के सामने राम प्रताप यादव, भरतकुंड में अशोक कुमार गोंड, पिपरी जलालपुर में विनोद कुमार रावत तथा शाहगंज मोड़ पर आलोक द्विवेदी और भारी संख्या में उपस्थित कार्यकर्ताओं ने पुष्पवर्षा और नारों के साथ पदयात्रा का अभिनंदन किया। पूरे मार्ग में लोगों का उत्साह देखते ही बन रहा था।लगभग 200 किलोमीटर लंबी और 13 दिनों तक चलने वाली यह पदयात्रा अयोध्या से प्रारंभ होकर सुल्तानपुर और अमेठी होते हुए प्रयागराज तक पहुंचेगी। इस यात्रा का उद्देश्य प्रदेश में बढ़ती बेरोजगारी, आर्थिक असमानता और सामाजिक अन्याय के खिलाफ़ जनता को संगठित करना है।सांसद संजय सिंह ने कहा कि उत्तर प्रदेश आज देश का वह राज्य बन गया है, जहाँ बेरोजगारी चरम पर है। उन्होंने कहा कि देश में सबसे अधिक बेरोजगार अगर किसी राज्य में हैं, तो वह उत्तर प्रदेश है। केवल सरकारी नौकरियों की कमी ही नहीं, बल्कि किसान, बुनकर, कुटीर और लघु उद्योग से जुड़े लोग भी भारी आर्थिक संकट से गुजर रहे हैं। किसानों को अपनी फसल का उचित मूल्य नहीं मिल रहा, खाद की लाइनों में जानें जा रही हैं और कजऱ् के बोझ से आत्महत्या जैसे दर्दनाक हालात बन रहे हैं।उन्होंने कहा कि आशा बहुएं, आंगनबाड़ी कार्यकत्री, शिक्षा मित्र और अनुदेशक आज भी नियमितीकरण की प्रतीक्षा में हैं। शिक्षक भर्ती में आरक्षण घोटाले से लेकर टीईटी परीक्षा तक, शिक्षा क्षेत्र में व्यापक असमानता व्याप्त है। छोटे-छोटे उद्योग बंद हो रहे हैं और युवाओं के सामने रोजगार का गहरा संकट है।सामाजिक न्याय के मुद्दे पर बोलते हुए संजय सिंह ने कहा कि उत्तर प्रदेश सामाजिक भेदभाव और अन्याय के मामलों में भी शीर्ष पर है। आज भी दलित समाज के लोगों को मंदिरों, शादियों और सार्वजनिक स्थानों पर भेदभाव का सामना करना पड़ता है। आरक्षण में हेराफेरी आम हो चुकी है और पुलिस थाने से लेकर तहसील तक न्याय के दरवाजे बंद हैं। उन्होंने कहा कि यह पदयात्रा एक राजनीतिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि जनता के अधिकारों और सम्मान की लड़ाई है। जब तक हर हाथ को काम और हर नागरिक को बराबरी का अधिकार नहीं मिलेगा, तब तक यह संघर्ष जारी रहेगा।संजय सिंह ने कहा कि इस पदयात्रा का हर कदम उत्तर प्रदेश के बेरोजगारों और शोषित-वंचित समाज के हक़ की लड़ाई का प्रतीक है। उन्होंने जनता से आह्वान करते हुए कहा कि अब समय आ गया है अपने अधिकारों के लिए आवाज उठाने का। उन्होंने कहा कि जनता इस तानाशाह सरकार को यह संदेश दे कि समान अवसर और सम्मान का हक अब कोई नहीं छीन सकता।आम आदमी पार्टी के सांसद ने कहा कि पार्टी ऐसी व्यवस्था बनाने के लिए प्रतिबद्ध है, जिसमें हर नौजवान को सम्मानजनक रोजगार मिले और दलित, पिछड़े, शोषित व वंचित वर्ग के साथ किसी भी प्रकार का जातीय भेदभाव न हो। उन्होंने कहा कि जब तक देश के अंतिम व्यक्ति को न्याय और समान अवसर नहीं मिलेगा, तब तक सच्चे अर्थों में लोकतंत्र मजबूत नहीं हो सकता।संजय सिंह ने जोर देकर कहा कि रोजगार और सामाजिक न्याय ही देश की प्रगति की असली पहचान है और आम आदमी पार्टी इसी दिशा में संघर्षरत है। अयोध्या की धरती से उठी यह पदयात्रा अब प्रदेशव्यापी जनआंदोलन का रूप ले रही है, जो युवाओं के भविष्य और सामाजिक समानता के लिए एक निर्णायक लड़ाई बनती जा रही है।
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