लखनऊ 13 नवंबर (आरएनएस ),बहुजन समाज पार्टी (बीएसपी) की राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश की चार बार मुख्यमंत्री रह चुकीं बहन कु. मायावती ने आज दिल्ली, राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और गुजरात राज्यों की बैठक लेकर पार्टी संगठन की प्रगति, जमीनी ढांचे की मजबूती और सर्वसमाज में जनाधार बढ़ाने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने कहा कि जिन जिम्मेदार पदाधिकारियों को पहले दिशा-निर्देश दिए गए थे, उन्हें अब धरातल पर पूरी ईमानदारी के साथ लागू किया जाए। बहन मायावती ने कहा कि पार्टी कार्यकर्ताओं को तन, मन और धन से अम्बेडकरवादी आंदोलन और पार्टी को आगे बढ़ाने में जुट जाना चाहिए, क्योंकि इसी में सच्चा जनहित और राष्ट्रहित निहित है।दिल्ली की समीक्षा बैठक के दौरान बहन मायावती ने उत्तर प्रदेश, बिहार जैसे गरीब राज्यों से रोजग़ार की तलाश में दिल्ली आए लाखों परिवारों की दुर्दशा पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि देश की राजधानी होने के बावजूद दिल्ली में आम जनता बुनियादी सुविधाओं से वंचित है। प्रदूषण, बेरोजगारी और अव्यवस्था से जूझती दिल्ली को अब तक अच्छे दिन नहीं मिले हैं। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय राजधानी को देश के सामने एक आदर्श उदाहरण बनना चाहिए, लेकिन सरकारों की नीतियों ने इसे अव्यवस्था का प्रतीक बना दिया है।
राजस्थान की स्थिति पर चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि राज्य की जनता कांग्रेस और भाजपा की नीतियों से निराश है। दोनों ही दलों के शासन में भ्रष्टाचार, साम्प्रदायिकता और जातिवाद ने गहरी जड़ें जमा ली हैं। उन्होंने कहा कि गरीब, दलित, पिछड़े और आदिवासी वर्ग अब यह समझ चुके हैं कि जब तक राजनीतिक सत्ता उनकी अपनी नहीं होगी, तब तक उनके हालात नहीं बदलेंगे। बहन मायावती ने कहा कि बहुजन समाज को राजनीतिक सत्ता की मास्टर चाबी अपने हाथों में लेकर ही सम्मानजनक जीवन मिल सकता है। इसके लिए हर कार्यकर्ता को मिशनरी भावना से काम करना होगा।मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के संबंध में मायावती ने कहा कि इन राज्यों में गरीबी, बेरोजगारी और कानून-व्यवस्था की स्थिति बेहद चिंताजनक है। उन्होंने कहा कि सरकारें सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय के सिद्धांतों पर काम करने के बजाय कुछ वर्गों के हितों तक सीमित हो गई हैं। समाज में बढ़ती असमानता, साम्प्रदायिकता और भ्रष्टाचार ने जनता का भरोसा कमजोर किया है। उन्होंने कहा कि प्रशासनिक और राजनीतिक स्तर पर जवाबदेही सुनिश्चित की जानी चाहिए ताकि आमजन को न्याय और समान अवसर मिल सके।गुजरात की समीक्षा के दौरान बहन मायावती ने कहा कि राज्य में दलितों, आदिवासियों, पिछड़ों और अल्पसंख्यकों पर अत्याचार की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं और उन्हें न्याय नहीं मिल पा रहा है। उन्होंने कहा कि संविधान की भावना के अनुरूप हर नागरिक को सम्मानपूर्वक जीने का अधिकार मिलना चाहिए, और सरकारों को इस दिशा में ठोस कदम उठाने होंगे।बैठक के दौरान बहन मायावती ने उन सभी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं की सराहना की जिन्होंने 9 अक्टूबर को लखनऊ में आयोजित मान्यवर कांशीराम जी के परिनिर्वाण दिवस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में भाग लेकर पार्टी के प्रति अपनी निष्ठा और मिशनरी भावना का परिचय दिया। उन्होंने कहा कि इस प्रकार का उत्साह और अनुशासन सभी राज्यों में भी दिखाई देना चाहिए। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश की तरह सभी राज्य इकाइयों को भी जनता से सीधा संवाद स्थापित कर, बहुजन मिशन को गति देने के लिए जन-आंदोलन की भावना विकसित करनी चाहिए।बहन मायावती ने घोषणा की कि आगामी 6 दिसम्बर 2025 को बाबा साहेब डॉ. भीमराव अम्बेडकर के परिनिर्वाण दिवस पर देशभर में, विशेषकर दिल्ली, राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और गुजरात में, पार्टी के कार्यकर्ता पूरे जोश और मिशनरी भावना के साथ कार्यक्रम आयोजित करेंगे। उन्होंने कहा कि यह आयोजन केवल एक औपचारिक कार्यक्रम न होकर, बहुजन आंदोलन को मजबूत करने की दिशा में संकल्प का प्रतीक होना चाहिए।बैठक के अंत में बहन मायावती ने दोहराया कि बहुजन समाज पार्टी का लक्ष्य केवल सत्ता प्राप्त करना नहीं, बल्कि समाज के दबे-कुचले और वंचित वर्गों को उनका अधिकार, सम्मान और समान अवसर दिलाना है। उन्होंने कहा कि बाबा साहेब डॉ. अम्बेडकर और मान्यवर कांशीराम जी के सिद्धांतों पर चलकर ही सामाजिक न्याय और समानता का सच्चा वातावरण स्थापित किया जा सकता है। उन्होंने हर कार्यकर्ता से आह्वान किया कि वह बहुजन मिशन को अपने जीवन का उद्देश्य बनाकर समाज को आगे बढ़ाने में सक्रिय भूमिका निभाए।
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